Homeदेश-समाजगणतंत्र दिवस पर किया था माँ सरस्वती का अपमान... राजस्थान की सरकारी महिला टीचर...

गणतंत्र दिवस पर किया था माँ सरस्वती का अपमान… राजस्थान की सरकारी महिला टीचर को कर दिया गया सस्पेंड

जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र में स्कूल के प्रिंसिपल को भी आदेश मिला है कि वो तत्काल प्रभाव से हेमलता बैरवा को वहाँ से कार्यमुक्त करें। इस आदेश की प्रति शासन से लेकर सभी प्रशासनिक आधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

राजस्थान के बारां जिले में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के दिन एक महिला टीचर ने स्कूल परिसर में माँ सरस्वती का अपमान किया था। तब शिक्षिका हेमलता बैरवा ने माता सरस्वती को शिक्षा की देवी मानने से इनकार करते हुए उनकी तस्वीर को मंच पर लगाने से रोक दिया था। इस हरकत का ग्रामीणों ने विरोध किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुआ था। अब राजस्थान सरकार ने शुक्रवार (23 फरवरी 2024) को अरोपिता टीचर को सस्पेंड कर दिया है। शिक्षा विभाग हेमलता बैरवा पर हिन्दू भावनाओं के अपमान के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर भी विचार कर रहा है।

बारां के जिला शिक्षा अधिकारी पियूष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र में शिक्षिका हेमलता बैरवा पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। पत्र में बताया गया है कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लकडाई (बांदीपुरा) किशनगंज में कार्यरत लेवल 1 शिक्षिका हेमलता बैरवा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार चल रहा है। उन्हें राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। हेमलता बैरवा को ट्रांसफर करके बीकानेर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

बारां के जिला शिक्षा अधिकारी के इस पत्र में स्कूल के प्रिंसिपल को भी आदेश मिला है कि वो तत्काल प्रभाव से हेमलता बैरवा को वहाँ से कार्यमुक्त करें। इस आदेश की प्रति शासन से लेकर सभी प्रशासनिक आधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। बारां जिले के शिक्षा अधिकारी का यह भी कहना है कि हेमलता बैरवा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और ठेस पहुँचाने की शिकायत मिली थी। इसकी प्रारम्भिक जाँच में उन्हें दोषी पाया गया, जिसकी वजह से हेमलता को निलंबित किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने खुद इस घटना का संज्ञान लिया था। 22 फरवरी (गुरुवार) को उन्होंने बारां जिले में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए इस घटना का जिक्र किया था। तब मंत्री ने कहा, “कुछ लोग खुद को इतना महत्व देते हैं, उनकी चाल अभी खत्म नहीं हुई। वो पूछते हैं कि स्कूल में देवी सरस्वती का क्या योगदान है। जिसने भी इस क्षेत्र में ऐसा कहा है, मैं उसे निलंबित कर देता हूँ।”

शिक्षा मंत्री के इसी बयान के एक दिन बाद बारां के जिला शिक्षा अधिकारी ने हेमलता बैरवा पर कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। तब शिक्षिका हेमलता बैरवा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

बताते चलें कि 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस के मौके पर बारां के सरकारी स्कूल में कार्यरत शिक्षिका हेमलता बैरवा ने मंच पर माँ सरस्वती की प्रतिमा लगाए जाने का विरोध किया था। तमाम ग्रामीणों की गुजारिश और विरोध को दरकिनार करते हुए उन्होंने माँ सरस्वती को शिक्षा की देवी मानने से इनकार कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -