Homeदेश-समाजUPA काल के एविएशन स्कैम में यास्मीन कपूर गिरफ़्तार, एयर इंडिया को पहुँचा था...

UPA काल के एविएशन स्कैम में यास्मीन कपूर गिरफ़्तार, एयर इंडिया को पहुँचा था नुक़सान

कुछ विदेशी एयरलाइन्स के लिए मनमाफिक ट्रैफिक रूल्स तय किए गए थे, जिससे एयर इंडिया को ख़ासा नुकसान हुआ था। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल से ईडी 3 दिनों तक पूछताछ कर चुकी है।

सीबीआई ने एविएशन स्कैम मामले में यास्मीन कपूर को गिरफ़्तार कर लिया है। यास्मीन जुलाई में गिरफ्तार किए गए दीपक तलकर की क़रीबी है। तलवार कॉर्पोरेट लॉबिस्ट है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा विनियम अधिनियम के तहत की गई है। इस वर्ष फ़रवरी में यास्मीन को अदालत ने गिरफ़्तारी से राहत प्रदान की गई थी।

इसी स्कैम को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल से ईडी 3 दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। एविएशन स्कैम में जो भी डील हुए हैं, वो सभी यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए। दीपक तलवार ने एविएशन कंपनियों, अधिकारियों और नेताओं के साथ मिल कर उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए साज़िश रची थी और लॉबिंग की थी।

कुछ विदेशी एयरलाइन्स के लिए मनमाफिक ट्रैफिक रूल्स तय किए गए थे, जिससे एयर इंडिया को ख़ासा नुकसान हुआ था। मई में अदालत ने यास्मीन कपूर से इस स्कैम के सम्बन्ध में जवाब माँगा था। ईडी ने अदालत में यास्मीन कपूर को सभी आरोपितों के कारनामों के ख़ुलासे के लिए एक अहम लिंक बताया था। स्कैम के दौरान यास्मीन को भी काफ़ी फायदे हुए और उसकी संपत्ति में भी बहुत वृद्धि हुई।

दीपक तलवार ने एयर इंडिया को नुकसान पहुँचाते हुए वर्ष 2008-09 के दौरान विदेशी विमानन कंपनियों के लिए उनकी पसंद के यातायात अधिकार व नियमों का प्रबंध किया था। जाँच से इस बात का भी खुलासा हुआ था कि इसके बदले विमानन कंपनियों ने 2008-09 में तलवार को 272 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। इन रुपयों के कुछ हिस्से को बैंक ऑफ सिंगापुर में एम/एस एशियाफील्ड लिमिटेड नामक कंपनी में जमा करवाया गया, जो ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में रजिस्टर्ड दीपक तलवार के स्वामित्व वाली कंपनी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Exclusive: ‘मैंने PCR को कॉल किया था..’ ताहिर हुसैन की इस दलील को अदालत ने क्यों नहीं माना अंकित शर्मा की हत्या में बेगुनाही...

हिन्दू विरोधी दंगों का साजिशकर्ता ताहिर हुसैन ने दावा किया था कि उसने कई बार पीसीआर कॉल किया था, लेकिन कोर्ट ने इसे बेगुनाही का सबूत नहीं माना।

‘सतलुज’ में जसवंत सिंह खालड़ा हैं, लेकिन पंजाब में बस से उतारकर मार डाले गए हिंदू यात्री कहाँ हैं? खालिस्तानी आतंकवाद के नैरेटिव से...

पंजाब में आतंकवाद के दौर पर फिर बहस छिड़ी है। एक पक्ष सभी पीड़ितों के दर्द की बात करता है, जबकि दूसरा इसे खालिस्तान समर्थक नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता है।
- विज्ञापन -