हिमाचल के धर्मशाला डिग्री कॉलेज की 19 साल की छात्रा पल्लवी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पल्लवी ने मरने से पहले एक वीडियो में अपनी आपबीती सुनाई है, जिसमें उसने कॉलेज के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और साथी छात्राओं पर रैगिंग व जातिसूचक शब्द बोलने के संगीन आरोप लगाए हैं।
इस सबके बावजूद कॉलेज प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय प्रोफेसर के बचाव में खड़ा नजर आ रहा है और पुलिस की सुस्ती पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पल्लवी का आखिरी बयान: ‘प्रोफेसर मुझे गलत तरीके से छूता था’
मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में पल्लवी ने रोते हुए बताया कि कॉलेज का प्रोफेसर अशोक कुमार उसे बुरी तरह परेशान करता था। पल्लवी ने कहा, “वह मेरे साथ अजीब हरकतें करता था और मुझे गलत तरीके से छूता था।”
Do Repost maxx . 💔
— Siddharth Bakaria (@SidHimachal) January 2, 2026
in Dharamshala himachal 19-year-old Pallavi lost her life after fighting for over 2 months. She was a victim of brutal ragging—by her own college mates and even a professor. The fear in her voice says everything.
Even today, our education system has failed… pic.twitter.com/ws1OITwHp0
जब पल्लवी ने इसका विरोध किया, तो उसे चुप रहने की धमकी दी गई। इसके साथ ही कॉलेज की कुछ छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की, उसे जातिसूचक गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इस टॉर्चर ने पल्लवी को गहरे सदमे और अवसाद (डिप्रेशन) में डाल दिया।
रैगिंग और जातिसूचक गालियों का आरोप
पल्लवी के पिता विक्रम कुमार का कहना है कि उनकी बेटी को कॉलेज की कुछ छात्राओं ने भी नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर कर दिया था। 18 सितंबर को कुछ लड़कियों ने पल्लवी के साथ मारपीट की और उसे जातिसूचक गालियाँ दी।
पिता ने आगे बताया कि उनकी बेटी को इतना डराया-धमकाया गया कि वह गहरे सदमे (डिप्रेशन) में चली गई। इसी तनाव के कारण उसकी तबीयत बिगड़ती गई और कई अस्पतालों में इलाज के बाद 26 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया।
प्रशासन का संवेदनहीन चेहरा: ‘वो तो हमारी स्टूडेंट ही नहीं थी’
एक तरफ जहाँ परिवार न्याय माँग रहा है, वहीं कॉलेज प्रशासन का रवैया चौंकाने वाला है। कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि पल्लवी इस साल रेगुलर स्टूडेंट नहीं थी क्योंकि वह फेल हो गई थी। प्रशासन का दावा है कि उनके यहाँ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है, लेकिन उन्होंने पीड़ित परिवार के आरोपों को गंभीरता से लेने के बजाय प्रोफेसर का पक्ष लिया है।
The Principal of Dharamshala College has now shared the second perspective in the Pallavi case. It is important to listen to all sides and ensure a fair and transparent investigation. Ragging or any such practices have no place in an education system. Justice must prevail. https://t.co/pg0ggVc5yw pic.twitter.com/lTGFUpCkpk
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) January 2, 2026
पुलिस की कार्रवाई और पिता का गुस्सा
पल्लवी के पिता विक्रम कुमार की शिकायत पर धर्मशाला पुलिस ने प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) और एंटी रैगिंग कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है, जिसकी पुष्टि एएसपी वीर बहादुर ने की।
हालाँकि, पिता का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया जब पल्लवी जिंदा थी और न्याय की गुहार लगा रही थी। पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामला पहले CM हेल्पलाइन में भी गया था और अब वे वीडियो सबूतों व मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर गहन जांच कर रहे हैं।

