पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। ईरान ने अपने समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से भारत के दो एलपीजी (LPG) गैस टैंकरों को गुजरने की मंजूरी दे दी है।
शुक्रवार (13 मार्च 2026) को ये जहाज इस संकरे रास्ते से निकल चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में भारत पहुँच जाएँगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के कारण दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर लगभग नाकाबंदी जैसे हालात थे और भारत के कई शहरों में घरेलू गैस की भारी किल्लत देखी जा रही थी।
दोस्ती आई काम: ईरानी राजदूत का बड़ा बयान
सूत्रों और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद यह रास्ता खुला है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने साफ कहा है कि भारत हमारा पुराना दोस्त है और हमारे हित एक जैसे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान इस मुश्किल वक्त में भारत के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा।
वहीं, ईरान के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया कि ईरान जानबूझकर इस रास्ते को बंद नहीं करना चाहता था, लेकिन युद्ध के हालात की वजह से जहाज आसानी से नहीं गुजर पा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के नेताओं को अमेरिका पर दबाव बनाना चाहिए ताकि इस जंग को रोका जा सके।
भारत और ईरान के बीच बड़ी डील
दरअसल, 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की थी। लेकिन भारत के विदेश मंत्री की ईरानी समकक्ष से हुई चर्चा और कूटनीतिक दबाव के बाद अब भारत को ‘सेफ पैसेज’ (सुरक्षित रास्ता) दे दिया गया है।
क्यों अहम है यह रास्ता और क्या होगा असर?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वो समुद्री गलियारा है जहाँ से सबसे ज्यादा तेल और गैस की सप्लाई होती है। जंग के 13वें दिन में प्रवेश करने के बाद से ही भारत का पेट्रोलियम मंत्रालय सप्लाई को लेकर चिंता में था।
अब जब हजारों मीट्रिक टन गैस से लदे दो भारतीय टैंकर वहां से निकल चुके हैं, तो उम्मीद है कि भारत के बाजारों में गैस की कमी दूर होगी और कीमतों में जो उछाल आने का डर था, उस पर भी लगाम लगेगी।
जंग से बिगड़े हालात
28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग ने पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट को हिला कर रख दिया है। ईरान का दावा है कि वह इस अन्यायपूर्ण युद्ध को खत्म करना चाहता है, लेकिन अमेरिका और इजरायल के हमलों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। फिलहाल, भारत अपनी चतुराई भरी विदेश नीति के कारण अपने हितों की रक्षा करने में कामयाब होता दिख रहा है।

