देश के कई राज्यों में राजभवन के चेहरे बदल गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार (5 मार्च) रात राज्यपालों की नियुक्तियों और तबादलों की बड़ी सूची जारी की। सबसे चौंकाने वाली खबर पश्चिम बंगाल से आई, जहाँ विधानसभा चुनावों से ठीक पहले गवर्नर सीवी आनंद बोस ने ‘निजी कारणों’ का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है।
सीवी आनंद बोस की जगह अब तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को बंगाल भेजा गया है। इसके अलावा दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में नए राज्यपालों की तैनाती की गई है।
बंगाल में सियासी हलचल और ममता की नाराजगी
आनंद बोस का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब बंगाल में चुनाव करीब हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि TMC चुनाव के दौरान गवर्नर को लेकर भाजपा पर हमलावर न हो सके।
वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा कि वे इस इस्तीफे से स्तब्ध हैं और उन्हें शक है कि केंद्र सरकार ने राजनीतिक हितों के लिए उन पर दबाव बनाया होगा। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि आरएन रवि की नियुक्ति से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली गई।

दिल्ली और बिहार को मिले नए मुखिया
राजधानी दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना का तबादला अब लद्दाख कर दिया गया है। उनकी जगह पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के नए LG होंगे। वहीं बिहार में भी बड़ा बदलाव हुआ है।
आरिफ मोहम्मद खान की जगह रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को नया राज्यपाल बनाया गया है। बिहार का यह बदलाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
अन्य राज्यों में किसे क्या मिली जिम्मेदारी?
राष्ट्रपति भवन की सूचि के अनुसार, कई अन्य राज्यों के समीकरण भी बदले गए है। जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश के गर्वनर शिव प्रताप शुक्ला को अब तेलंगाना भेजा गया है।
लद्दाख के एलजी कविंदर गुप्ता अब हिमाचल के राज्यपाल होंगे। बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव को नागालैंड का जिम्मा मिला है। फिलहाल केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
क्यों हुआ इतना बड़ा बदलाव?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल एक बड़े राष्ट्रीय अभ्यास का हिस्सा है। आने वाले समय में केंद्रीय कैबिनेट में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भाजपा अपनी नई टीम और चुनावी राज्यों के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है।
साथ ही, एनडीए के उन नेताओं को भी राजभवनों में जगह दी जा रही है जो संगठन या राज्यसभा से मुक्त हो रहे हैं। चर्चा है कि जेडीयू नेता हरिवंश नारायण सिंह को भी जल्द ही किसी राज्य की जिम्मेदारी मिल सकती है।

