राजस्थान के भरतपुर जिले के सेवर थाना क्षेत्र में रविवार (28 सितंबर 2025) को एक मकान में चल रही ईसाई प्रार्थना सभा को लेकर विवाद हो गया। बजरंग दल की टीम ने इस जगह को धर्मांतरण का केंद्र बताते हुए पुलिस को बुलाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजरंग दल के जिला संयोजक ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस घर में हर रविवार को 100 से 150 लोगों की सभा होती है, जहाँ धर्मांतरण कराया जाता है। बजरंग दल के कार्यकर्ता पुलिस के साथ मौके पर पहुँचे।
जब पुलिस आई, तब वहाँ 70 से 80 महिलाएँ, नाबालिग बच्चियाँ और बुज़ुर्ग मौजूद थे। बजरंग दल ने सभी को रोकने की माँग की, लेकिन थाना अधिकारी (SHO) ने उन्हें जाने दिया। इसी दौरान, धर्मांतरण का केंद्र चलाने वाले मुख्य लोग घर के पीछे से फरार हो गए। बजरंग दल ने पुलिस पर गंभीरता से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
सेवर थाना अधिकारी सतीश चंद शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम प्रार्थना सभा की सूचना पर पहुँची थी। उन्होंने कहा कि सभी लोग सहयोग कर रहे थे और जाँच जारी है। SHO के मुताबिक, अभी तक ठोस सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि वीरेंद्र नामक व्यक्ति का बेटा डेविड यहाँ प्रार्थना सभाएँ आयोजित कर रहा था। पुलिस जाँच के आधार पर आगे कार्रवाई करेगी।

