UGC नियमों को लेकर इस्तीफा देने वाले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, शामली DM ऑफिस से किया गया अटैच

उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार (26 जनवरी 2026) देर रात निलंबित कर दिया। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को लेकर असहमति जताते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।

सोमवार देर रात जारी आदेश के अनुसार, अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जिलाधिकारी शामली के कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। यह आदेश उत्तर प्रदेश सरकार के नियुक्ति अनुभाग-सात की विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग के हस्ताक्षर से जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता के तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

सरकार ने इस मामले में विभागीय जाँच के निर्देश भी दिए हैं। जाँच के लिए बरेली मंडल के आयुक्त बी.एस. चौधरी को पदेन जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है जो पूरे मामले की समीक्षा करेंगे।

जानकारी के अनुसार, प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (PCS) के 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था। इस्तीफे के साथ उन्होंने एक लिखित बयान भी साझा किया था, जिसमें UGC द्वारा हाल ही में जारी नियमों पर आपत्ति जताई गई थी।

गौरतलब है कि 13 जनवरी 2026 को UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों के समाधान के लिए नए नियम बनाए थे। इन नियमों के तहत विशेष समितियों, हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है ताकि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। इसके खिलाफ समाज के एक तबके में नाराजगी देखी जा रही है।