BJP कार्यकर्ता ने आरोपित को बचाने का नहीं, पकड़वाने का किया था काम: बंगाल के बारुईपुर रेप-हत्या केस में Video से खुली हकीकत, वामपंथियों ने झूठ फैलाया

बंगाल के बारुईपुर के सूर्यहाट इलाके में 12 साल की मुस्लिम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या मामले में मुख्य आरोपित प्रभास मंडल का आज (8 जुलाई 2026) एनकाउंटर कर दिया गया। बांग्लादेश बॉर्डर के पास बसे इस मुस्लिम बहुल इलाके में घटना के बाद से भारी बवाल था।

एक तरफ जहाँ उग्र भीड़ ने ‘इंद्रजीत’ नाम के एक निर्दोष व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर जान ले ली, वहीं दूसरी तरफ वामपंथियों व स्थानीयों ने मिलकर ये भी फैला दिया कि एक भाजपा कार्यकर्ता शांतनु मंडल ने प्रभास समेत अन्य आरोपितों को बचाने में भूमिका निभाई।

नतीजा ये हुआ कि गुस्साई भीड़ ने शांतनु के घर में तोड़फोड़ करके उसे आग में झोंक दिया। हालाँकि, अब हिंसा के बाद सामने आए वीडियो फुटेज, ऑडियो क्लिप और चश्मदीदों के बयानों ने इस पूरे भ्रामक नैरेटिव को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

सामने आई वीडियो में क्या है

सबूतों से यह पुष्टि होती है कि शांतनु मंडल ने वास्तव में बच्ची की गुमशुदगी के बाद फेसबुक पर पोस्ट डालकर खोजबीन शुरू की थी, ग्रामीणों के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी और उसके बाद ही स्थानीय मुख्य आरोपित प्रभास मंडल तक पहुँचकर उसे पकड़ पाए थे।

वायरल वीडियो से ये भी साफ हो रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता शांतनु ने उग्र भीड़ से आरोपित को बचाने की नहीं, बल्कि सिर्फ जान से न मारने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उसे कानून के हाथ में सौंपा जाए। इसके अलावा आरोपित को वह ‘राक्षस, जानवर’ कहते हुए उसके लिए कड़ी सजा की माँग भी कर रहे थे। उन्होंने सीएम से भी अपील की थी कि ऐसे दरिंदों को समाज में खुले घूमने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।

मंडल ने आरोपित के हिरासत से भागने वाले आरोपों पर जवाब देते हुए साफ किया कि भारी भीड़ के हमले और मात्र एक पुलिसकर्मी की मौजूदगी का फायदा उठाकर आरोपित भागा था। उसे भगाने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

अपने कार्यकर्ता के लिए क्या बोले BJP नेता

बता दें कि इस संबंध में भाजपा के जादवपुर जिला अध्यक्ष मनोरंजन जोरदार ने भी शांतनु पर हुए हमलों को राजनीति से प्रेरित बताया है। वहीं राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी शांतनु मंडल को निर्दोष और मदद करने वाला नागरिक करार दिया है।

मालूम हो कि बारुईपुर केस में प्रभास मंडल के एनकाउंटर के अलावा दिबाकर सरकार और आनंद सरकार नाम के आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में आनंद सरकार को मुख्य आरोपित और साजिशकर्ता बताया जा रहा है।

पीड़िता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

गौरतलब है कि बंगाल के बारुईपुर में 12 साल की बच्ची के साथ हुई इस घटना को लेकर लोगों में अब भी आक्रोश है। पीड़िता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार, मृतका के गुप्त अंगों पर गंभीर चोटों के साथ-साथ जलने के निशान मिले हैं और उसके सिर के पिछले हिस्से पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। उसके फेफड़ों में भी कीचड़ वाला पानी भर गया था, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जब उसे तालाब में फेंका गया, तब वह जीवित थी और सांसें ले रही थी। बाद में अत्यधिक खून बहने और आखिर में पानी में डूबने के कारण मासूम की मौत हुई।