पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज बड़ा इतिहास रच दिया गया है। कोलकाता में हुई BJP विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। शुभेंदु अधिकारी कल यानी 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
अमित शाह ने किया नाम का ऐलान
कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में BJP विधायकों की अहम बैठक हुई। अमित शाह ने खुद शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा की। बैठक में किसी और नेता का नाम सामने नहीं आया। विधायकों ने एक सुर में शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता माना। अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन के लिए वोट दिया है।
#WATCH | Kolkata | Suvendu Adhikari elected as the Leader of West Bengal BJP Legislative Party, set to be the new CM of the state. pic.twitter.com/DCm6zezL4U
— ANI (@ANI) May 8, 2026
राज्यपाल से मिलकर पेश करेंगे दावा
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार शाम 6:30 बजे राजभवन जाएँगे। वे राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात करेंगे। वे विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। राज्यपाल पहले ही पुरानी विधानसभा को भंग कर चुके हैं, जिससे नई सरकार का रास्ता साफ हो गया है।
रवींद्र जयंती पर होगा शपथ ग्रहण
कल यानी 9 मई का दिन बंगाल के लिए बेहद खास है। इस दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जाती है। इसी ऐतिहासिक मौके पर सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। यह कार्यक्रम कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में PM नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
दो सीटों पर जीत और ममता को दी मात
शुभेंदु अधिकारी इस जीत के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं। उन्होंने इस चुनाव में दो सीटों से लड़कर दोनों पर जीत हासिल की। सबसे बड़ी बात यह कि उन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। निशिथ प्रमाणिक ने भी कहा कि बंगाल को ऐसा ही CM चाहिए जिसने ममता को दो बार हराया हो।
207 सीटों के साथ बीजेपी की बंपर जीत
पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने 207 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, ममता बनर्जी की TMC सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई है। चर्चा है कि राज्य में दो डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं। इससे बंगाल की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिलेंगे।

