देश की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद अहम रहने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है और इससे पहले भाजपा ने अपने सभी सांसदों के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी कर सख्त संदेश दे दिया है।
पार्टी ने साफ कर दिया है कि इस दौरान किसी भी सांसद की अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि सरकार इस सत्र में कुछ बड़े और निर्णायक विधेयकों को पारित करने की तैयारी में है। भाजपा की ओर से जारी निर्देश में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को तीनों दिन सदन में मौजूद रहने को कहा गया है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मंत्रियों सहित किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस सत्र को बेहद गंभीरता से ले रही है और चाहती है कि सभी सांसद चर्चा और मतदान में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस विशेष सत्र का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संशोधन है।
सरकार का लक्ष्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। प्रस्ताव के मुताबिक, महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कानूनी ढांचे में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि आने वाले चुनावों में इसका लाभ दिखाई दे।
लोकसभा सीटें बढ़ाने और डेलिमिटेशन पर फोकस
सरकार लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत करीब एक-तिहाई यानी लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। इसके साथ ही 2011 की जनगणना के आधार पर डेलिमिटेशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने का विचार है।
सरकार चाहती है कि ये सभी बदलाव 2029 के आम चुनाव से पहले लागू हो जाएँ, ताकि महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके।

