रूस की राजधानी मॉस्को में शनिवार (1 अगस्त) शाम करीब 8 बजे (स्थानीय समय) बड़ा धमाका हुआ। यह विस्फोट कुद्रिन्स्काया स्क्वायर स्थित मशहूर बाल्जी रोसी (Balzi Rossi) रेस्टोरेंट के बाहर हुआ। धमाके में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 21 लोग घायल हुए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर बताई गई है।
रूस की नेशनल एंटी-टेररिज्म कमेटी (NAC) के मुताबिक, एक महिला रेस्टोरेंट के अंदर विस्फोटक ले जाने की कोशिश कर रही थी। एंट्री गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उसे रोक लिया, तभी विस्फोट हो गया। इस धमाके में महिला, सुरक्षा गार्ड और रेस्टोरेंट में मौजूद एक ग्राहक की मौत हो गई।
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी RIA Novosti, TASS और जाँच एजेंसियों के हवाले से बताया गया कि रेस्टोरेंट में उस समय एक निजी कार्यक्रम चल रहा था। कुछ रूसी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धमाके का निशाना रेस्टोरेंट की समर टैरेस पर मौजूद मेहमान हो सकते थे। शुरुआती जाँच के आधार पर अधिकारियों का मानना है कि विस्फोट का निशाना कार्यक्रम में शामिल लोग हो सकते थे। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि महिला जानबूझकर विस्फोटक लेकर आई थी या उसे इसका पता नहीं था।
वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि विस्फोटक को दूर से एक्टिव किया गया हो सकता है और महिला को शायद यह पता भी नहीं था कि उसके पास बम है। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जाँच जारी है और हमले के पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ घटनास्थल से मिले सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की मदद से पूरे मामले की जाँच कर रही हैं।
फिलहाल किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं, अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
धमाके के बाद रेस्टोरेंट और आसपास के इलाके को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह सील कर दिया। बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। जाँच पूरी होने तक इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रूसी एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका मकसद क्या था।

