सुकमा अब पूरी तरह ‘लाल आतंक’ से मुक्त, ₹16 लाख की इनामी दो महिला नक्सलियों ने किया सरेंडर: एके-47 और इंसास जैसे घातक हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। सालों तक नक्सली हिंसा का दंश झेल रहा सुकमा अब आधिकारिक तौर पर ‘नक्सल मुक्त’ घोषित कर दिया गया है। मंगलवार (31 मार्च 2026) को सुकमा SP ने घोषणा की कि कंपनी नंबर 8 की दो बड़ी महिला नक्सलियों ने सरेंडर के बाद अब जिले में नक्सलवादियों का प्रभाव पूरी तरह से खत्म हो गया है।

इन दोनों महिला नक्सलियों पर कुल ₹16 लाख का इनाम था। इस सरेंडर के साथ ही भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और नकदी भी बरामद की गई है। सरेंडर करने वाली महिला नक्सलियों ने न केवल रास्ता बदला, बल्कि अपने साथ विनाशकारी हथियारों का जखीरा भी पुलिस को सौंपा।

पुलिस के मुताबिक, इनसे एक इंसास एलएमजी (INSAS LMG), दो एके-47 (AK-47) और तीन अन्य घातक हथियार बरामद हुए हैं। इसके अलावा, नक्सलियों से करीब ₹10 लाख की नकदी भी जब्त की गई है। SP ने बताया कि इन दोनों का मुख्यधारा में लौटना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है।

दो साल का कड़ा संघर्ष लाया रंग

सुकमा को मुक्त कराने के पीछे सुरक्षाबलों का दो साल का निरंतर ऑपरेशन और अंदरूनी इलाकों में बनाए गए नए कैंपों की बड़ी भूमिका रही है। आँकड़ों की मानें तो पिछले दो वर्षों में चलाए गए अभियानों में 90 से ज्यादा नक्सलियों को ढेर किया गया, जबकि 600 से अधिक की गिरफ्तारी हुई।

यही नहीं, सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लगभग 800 नक्सलियों ने अब तक हथियार छोड़े हैं। सुरक्षाबलों ने घने जंगलों के भीतर घुसकर नक्सलियों की सप्लाई लाइन और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

बंदूक की जगह अब विकास की गूंज

नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही सुकमा के अंदरूनी इलाकों में विकास ने रफ्तार पकड़ ली है। फिलहाल क्षेत्र में लगभग 60 सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे वे गाँव भी मुख्य सड़क से जुड़ गए हैं जहाँ कभी जाना नामुमकिन था।

युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए खेलकूद और शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बस्तर अब प्रगति की राह पर है। हर गाँव में स्कूल, राशन दुकान और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य केंद्र (PHC/CHC) खोले जा चुके हैं।

आम जनता को मिल रहा हक

इलाके में अब लोगों के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड पहुँच चुके हैं। ग्रामीणों को अब नियमित रूप से मुफ्त अनाज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में पुलिस और सुरक्षाबल मिलकर सुकमा के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे, ताकि भविष्य में फिर कभी ‘लाल आतंक’ यहाँ अपनी जड़ें न जमा सके।