लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली और फंडिंग पर सवाल उठाने वालों को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 100 साल में RSS ने सेवा कार्यों को कभी सौदेबाजी का माध्यम नहीं बनाया, जबकि कुछ लोग सेवा को लाभ उठाने का साधन बना देते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि विदेशों से आने वाले कई राजनयिक उनसे पूछते हैं कि संघ इतना बड़ा संगठन कैसे बन गया और इसकी फंडिंग कहाँ से होती है। उन्होंने सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत की मौजूदगी में कहा कि न तो OPEC देशों से और न ही किसी इंटरनेशनल चर्च से RSS को धन मिलता है। यह संगठन पूरी तरह समाज के सहयोग से खड़ा हुआ है और समाज की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करता है।
हम लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में एक स्वयंसेवक के रूप में काम किया है…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 23, 2025
यहां कोई OPEC देश पैसा नहीं देते, यहां कोई इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता,
यहां समाज के सहयोग से संगठन खड़ा हो रहा है… pic.twitter.com/SE7SgPsvke
कार्यक्रम में CM योगी ने श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों का उल्लेख करते हुए निष्काम कर्म और कर्तव्य पालन की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वधर्मे निधनं श्रेयः का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। सीएम योगी ने यह भी कहा, “हमें लालच में दूसरा धर्म नहीं अपनाना चाहिए। यह महापाप है। हमने भारत की पूरी धरती को धर्मक्षेत्र माना। इसलिए युद्ध का मैदान भी हमारे लिए धर्मक्षेत्र है, क्योंकि धर्मक्षेत्र में जो युद्ध भी लड़ा जा रहा, वो अपने कर्तव्यों के लिए लड़ा जा रहा।”
CM योगी ने कहा कि संघ ने 100 साल में कोई सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने दुनिया और भारत में सेवा को सौदेबाजी का जरिया बनाया। उन्होंने कहा कि RSS का हर स्वयंसेवक बिना भेदभाव सेवा में लगा रहता है। कुछ तत्व भारत की सांस्कृतिक संरचना को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन गीता का संदेश राष्ट्र को सही दिशा देने में सहायक हो सकता है।

