‘लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स के मोहजाल में मत फँसें’: CM योगी ने लिखी पाती, बलिया में सेल्फी लेते हुए डूब गए थे 4 युवा

उत्तर प्रदेश के बलिया में गंगा नदी में सेल्फी लेते 4 युवाओं की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने युवाओं के नाम ‘योगी की पाती’ में खतरनाक स्टंट और जोखिम भरी सेल्फी के बढ़ते चलन को लेकर बच्चों और युवाओं से भावनात्मक अपील की है कि ‘रील’ और ‘रियल’ में अंतर करना सीखिए। अपने संदेश में उन्होंने जहाँ सोशल मीडिया की उपयोगिता को स्वीकार किया, वहीं इसके दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर चिंता भी जताई।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और खतरनाक ट्रेंड पर सीएम ने जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “आज अनेक युवा लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स के मोहजाल में फँसकर घरों के अंदर और सड़क पर स्टंट, तेज रफ्तार बाइक एवं कार पर करतब दिखाने, रेलवे ट्रैक पर और ट्रेन के दरवाजों से लटककर वीडियो बनाने, ऊँची इमारतों, पहाड़ों, नदियों, पुलों, एक्सप्रेसवे और यहाँ तक कि पानी की टंकियों पर खतरनाक ढंग से सेल्फी लेने जैसे जोखिम उठा रहे हैं। यह न केवल उनके लिए घातक है, बल्कि उनके अपनों के सपनों को भी क्षणभर में तोड़ सकता है।”

युवाओं और अभिभावकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “ऐसे किशोर एवं युवा साथियों से मैं कहना चाहूँगा कि आप पर परिवार, समाज, प्रदेश एवं देश का दायित्व है। आप उनके प्रति अपना योगदान देकर वास्तविक नायक बन सकते हैं। इंटरनेट पर ट्रेंड देखकर स्वयं को वायरल करने का प्रयास घातक हो सकता है।”

योगी ने अभिभावकों को भी जिम्मेदारी निभाने की सलाह देते हुए लिखा, “प्रिय अभिभावकों, मैं कुछ बातें आपसे भी कहना चाहता हूँ। सोशल मीडिया के इस युग में डिजिटल अवेयरनेस और डिजिटल लिटरेसी अत्यंत आवश्यक है। यह आपका भी दायित्व है कि आपके बच्चे समय का सदुपयोग करें। अपने बच्चों को रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें।”

बलिया में सेल्फी लेते 4 युवाओं की मौत

सीएम योगी की यह चिंता उस खतरनाक हादसे के बाद ज्यादा मुखर होकर सामने आई, जब रविवार (03 मई 2026) को बलिया में गंगा नदी में नहाते हुए सेल्फी लेते 4 युवाओं की डूबकर मौत हो गई। सीएम योगी ने घटना पर दुख जताया था।