ईडी ने सभी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट का कहना है कि फिलहाल जाँच का दायरा सीमित है और सिर्फ क्षेत्राधिकार से संबंधित मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। दूसरे मुद्दों पर आरोप तय होने के बाद सुनवाई की जाएगी।
यह मामला 2008 में गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर गाँव में जमीन खरीद से जुड़ा है। वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपए में 3.5 एकड़ ज़मीन खरीदी थी और इस लेनदेन में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल हुआ था।
आरोप है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली तत्कालीन हरियाणा सरकार ने वाड्रा की कंपनी को कमर्शियल लाइसेंस दिया जिससे जमीन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई थी। इसके बाद सितंबर 2012 में इस जमीन को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपए में बेचा गया था। ईडी का आरोप है कि इससे अवैध तरीके से जबरदस्त मुनाफा कमाया गया।

