दिल्ली की बीजेपी सरकार ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) के 137 एकड़ में फैले परिसर के पुनर्विकास की बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मकसद पूरे मेडिकल कैंपस स्वास्थ्य सेवाएँ और मेडिकल शिक्षा दोनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार (25 अप्रैल 2026) को इस परियोजना के लिए विस्तृत अध्ययन को मंजूरी दी। यह विशाल परिसर केवल मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, गुरु नाक आई सेंटर और मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज जैसे बड़े और महत्वपूर्ण अस्पताल भी शामिल हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि 137 एकड़ में फैला यह कैंपस कई प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों का एक साझा केंद्र है। यहाँ सभी संस्थान आपस में जुड़े हुए हैं और मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा का मजबूत ढाँचा तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस पूरे परिसर के सुनियोजित, एकीकृत और दूरदर्शी विकास की जरूरत महसूस की जा रही थी।
तीन चरणों वाली पुनर्विकास योजना
इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पूरे कैंपस के लिए अगले 30 सालों को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत मास्टरप्लान बनाया जाएगा। यह योजना दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और अन्य स्थानीय निकायों के सभी नियमों औऱ मानकों के अनुसार तैयार की जाएगी।
दूसरे चरण में विशेषज्ञ मौजूदा इमारतों की संरचनात्मक जाँच और तकनीकी समीक्षा करेंगे। इसके आधार पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई इमारतों बेहतर लेआउट और उन्नत बुनियादी ढाँचे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
तीसरे और अंतिम चरण में टेंडर से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार किए जाएँगे। साथ ही बोली की प्रक्रिया के दौरान तकनीकी सहायता भी दी जाएगी, ताकि परियोजना समय पर बिना किसी रुकावट के और सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
नए कैंपस में क्या-क्या होंगी सुविधाएँ?
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस पुनर्विकास योजना के तहत कैंपस में कई नई सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इसमें नए अस्पताल भवन, शैक्षणिक इमारतें, बहुमंजिला आवास, छात्रावास और नर्सिंग स्टाफ के लिए रहने की व्यवस्था शामिल होगी।
इसके साथ ही कैंपस के बुनियादी ढाँचे को भी मजबूत किया जाएगा। फायर स्टेशन, बेहतर सीवर और स्वच्छता व्यवस्था, आंतरिक सड़कें और पूरे परिसर में सुगम आवाजाही के लिए बेहतर कनेक्टविटी विकसित की जाएगी। कर्मचारियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया, पर्याप्त पार्किंग और मल्टी-लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी। पूरें कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत बनाया जाएगा।
कंसल्टेंट डिजिटल ग्राउंड सर्वे करेगा और इंजीनियरिंग डिजाइन, तकनीकी दस्तावेज और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य इस पूरे परिसर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य के लिए तैयार एकीकृत स्वास्थ्य और शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास के जरिए मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मेडिकल शिक्षा के लिए विश्वस्तरीय माहौल तैयार होगा।

