MP HC के फैसले के बाद धार की भोजशाला में धूमधाम से पूजा-पाठ, ASI के आदेश से हिंदुओं को मिली उपासना की आजादी: उमड़े श्रद्धालु

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला  में शनिवार (16 मई 2026) को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शाम की आरती में शामिल हुए। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति दिए जाने के बाद यहाँ भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

श्रद्धालुओं ने इसे हिंदू समाज की आस्था और लंबे समय से चली आ रही माँग की जीत बताया। इसी बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI ने भी हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आदेश जारी कर दिया है। ASI के आदेश के बाद अब हिंदुओं को भोजशाला परिसर में बिना किसी प्रतिबंध के प्रवेश और पूजा-अर्चना की अनुमति मिल गई है।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। गौरतलब है कि धार की भोजशाला लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे शुरू से ही माँ वाग्देवी का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे जबरन कमाल मौला मस्जिद बता रहा था।

अब हाई कोर्ट के फैसले और ASI के आदेश के बाद हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वर्षों बाद बिना रोक-टोक अपनी आस्था के अनुसार पूजा कर पा रहे हैं।