कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में शामिल होने का अपना प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया है। स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में न जाने के फैसले की जानकारी उन्होंने राहुल गाँधी से मुलाकात के बाद दी। शिवकुमार ने कहा कि पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों, खासकर आगामी असम विधानसभा चुनावों की तैयारियों के कारण वह विदेश यात्रा नहीं कर सकते।
पार्टी जिम्मेदारियों के चलते दावोस दौरा किया रद्द
डीके शिवकुमार को कॉन्ग्रेस पार्टी ने असम के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। साथ ही वह कर्नाटक प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं। उनके कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आने वाले दिनों में नई दिल्ली और बेंगलुरु में उनकी कई अहम बैठकें निर्धारित हैं, जिनमें अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के पदाधिकारियों के साथ असम चुनाव की रणनीति पर चर्चा शामिल है।
इसके अलावा शिवकुमार केंद्र सरकार के खिलाफ महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) से जुड़े मुद्दों पर राज्यव्यापी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। इसी के चलते 22 जनवरी 2026 से कर्नाटक विधानसभा का विशेष पांच दिवसीय सत्र भी बुलाया गया है, जिसे वह प्राथमिकता दे रहे हैं।
दावोस में असम की मजबूत मौजूदगी
जहाँ डीके शिवकुमार दावोस नहीं जा रहे हैं, वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इस वैश्विक मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह पहली बार है जब असम WEF में आधिकारिक रूप से हिस्सा ले रहा है।
सीएम हिमंता उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दावोस पहुँचेंगे, जहाँ वे असम की बीते पाँच वर्षों में 45 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि, औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखेंगे। असम सरकार खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश-अनुकूल नीतियों पर जोर दे रही है।
WEF की बैठक 19 से 23 जनवरी तक ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ थीम पर हो रही है। इसमें भारत से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ चार केंद्रीय मंत्री भी हिस्सा ले रहे हैं।

