अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के कारण वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक संकट गहरा गया है। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में कच्चे तेल के टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MOU) यानी सीजफायर समझौते को पूरी तरह खत्म घोषित कर दिया है।
अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘कचरा’ (स्कम) और ‘सनकी‘ करार दिया।
ईरानी नेतृत्व पर डोनाल्ड ट्रंप ने बोला तीखा हमला, बताया सनकी और कचरा
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “मेरे लिए यह समझौता खत्म हो चुका है। मैं उनके साथ कोई डील नहीं करना चाहता। वे कचरा हैं। वे बीमार लोग हैं और उनका नेतृत्व भी बीमार लोगों के हाथ में है। वे क्रूर और हिंसक लोग हैं। अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल कर चुके होते। जहाँ तक मेरा सवाल है, सब खत्म हो चुका है।”
ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा, “हमने आश्वासन दिया था कि हम तनाव नहीं बढ़ाएँगे। हमने कहा था कि जाओ और अपना अंतिम संस्कार का काम पूरा करो, लेकिन इसके बजाय उन्होंने कल जहाजों पर रॉकेट दागने शुरू कर दिए। इसलिए हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वह ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं और वे अमेरिकी नेता को निशाना बनाना चाहते हैं।
WATCH: President Trump on the MOU with Iran:
— Open Source Intel (@Osint613) July 8, 2026
“They are scum… as far as im concerned it’s over” pic.twitter.com/YTsBLSdiZQ
अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के बाद लगाया ईरानी तेल पर बैन
इस बीच तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने के लिए दी गई विशेष छूट का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। अमेरिकी प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे इस युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तुरंत 5% का भारी उछाल देखा गया।
U.S. Central Command forces have begun launching a series of powerful strikes against Iran to impose heavy costs for targeting and attacking commercial shipping crewed by innocent civilians in an international waterway. The U.S. strikes are in response to Iranian attacks on three…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 7, 2026
भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत की चिंताएँ काफी बढ़ गई हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 5% की यह तेजी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।
यदि यह तनाव लंबा खिंचता है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। तेल महँगा होने से माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों, सब्जियों और एफएमसीजी उत्पादों पर पड़ेगा और देश में महँगाई (Inflation) बढ़ सकती है। इसके अलावा भारी मात्रा में डॉलर खर्च होने से भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और भारतीय रुपए पर भी दबाव देखने को मिल सकता है। इससे पहले शांति स्थापित होने से भारत के पक्ष में फायदे ही फायदे दिख रहे थे, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
ईरान का जवाबी पलटवार, कतर ने अपनाया कड़ा रुख
दूसरी ओर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले करने का दावा किया है। इस जवाबी कार्रवाई के बाद कुवैत ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कदम उठाने की बात कही है।
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और आधिकारिक प्रवक्ता मजेद अल अंसारी ने एक्स पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कतरी जहाज ‘अल रेकाय्यत’ को होर्मुज स्ट्रेट के पास निशाना बनाया जाना बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि कतर ऐसे हमलों के जवाब में जरूरी कदम उठा रहा है।
The targeting of the Qatari vessel "Al-Rekayyat" while transiting near the Strait of Hormuz constitutes an unacceptable attack on the security & safety of international maritime navigation, the security of global energy supplies, & a grave & explicit violation of international…
— د. ماجد محمد الأنصاري Dr. Majed Al Ansari (@majedalansari) July 7, 2026
इस बीच ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने अमेरिका पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका की दादागिरी का दौर अब खत्म हो चुका है और वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

