चुनावी हार के बाद खुद को बताने लगा था BJP नेता, UP से पकड़ा गया TMC का पूर्व विधायक खोखन दास: बंगाल चुनाव के बाद से था फरार

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक खोखन दास को रविवार (31 मई 2026) को पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (पुराना नाम मुगलसराय) से गिरफ्तार कर लिया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस ने उन्हें धमकी देने, रंगदारी वसूली (एक्सटॉर्शन) और TMC सरकार के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोपों में पकड़ा है। खोखन दास बर्धमान दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंबित मामलों में मिली जानकारी के आधार पर रविवार सुबह खोखन दास को पकड़ा गया। अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड (एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने की कानूनी प्रक्रिया) के लिए उत्तर प्रदेश की स्थानीय अदालत में पेश किया जा रहा है ताकि आगे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल लाया जा सके।

बताया जा रहा है कि 2021 में बर्धमान दक्षिण से विधायक बनने के बाद खोखन दास पर चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर कई आरोप लगे थे। आरोप यह भी है कि उस समय पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। राजनीतिक हिंसा के अलावा खोखन दास पर रंगदारी वसूली के भी गंभीर आरोप हैं।

विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद खोखन दास ने खुद को कथित तौर पर ‘BJP नेता’ बताना शुरू कर दिया था। चुनाव नतीजों के बाद उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वे एक व्यक्ति से कहते सुनाई दिए थे, “तृणमूल कॉन्ग्रेस हार गई तो तुम लोग इतना हंगामा कर रहे हो! याद रखना, अब मैं BJP नेता हूँ।”

ऑडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद कार्रवाई से पहले ही वे इलाके से फरार हो गए थे। लेकिन रविवार को बर्धमान जिला पुलिस की टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर इलाके से आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

यह गिरफ्तारी राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कई पूर्व TMC नेताओं पर चल रही पुलिस कार्रवाई का हिस्सा मानी जा रही है। खोखन दास पर पहले भी रंगदारी, जमीन से जुड़ी गड़बड़ियों और अन्य आरोप लगते रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे जाँच से बचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पड़ोसी राज्य से पकड़ लिए गए।

इस कार्रवाई के बाद पूर्व बर्धमान जिले की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है। पहले से ही TMC के कई नेताओं पर कार्रवाई चल रही है, ऐसे में पार्टी के स्थानीय नेताओं पर दबाव और बढ़ता दिख रहा है। इसी दिन जुड़े दूसरे मामलों में पुलिस ने पूर्व विधायक तपन चटर्जी को भी गिरफ्तार किया। उनके घर से बड़ी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री, तिरपाल और फुटबॉल बरामद किए गए थे।