अब्बा नवाब ने कहा- आज इसकी कहानी खत्म कर दे, बेटे असद ने सूर्य प्रताप के पेट में घोंप दिया चाकू: बकरीद पर पूरी प्लानिंग के साथ हुई हिंदू लड़के की हत्या

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित सूर्यप्रताप उर्फ सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य हत्यारे असद का अब्बू नवाब भी शामिल है। उसी के कहने पर असद ने सूर्या को चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतारा था। इस मामले में पुलिस ने चौधरी चरण सिंह गेट के पास से नवाब (45), फरहान (19) और आतिफ उर्फ बाबू (19) को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त फरहान ने पुलिस पूछताछ में पूरी साजिश और घटना का कबूलनामा करते हुए बयान दिया है। उसने बताया कि यह सब एक आपसी झगड़े का नतीजा था, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

अभियुक्त फरहान ने पुलिस के सामने दिए अपने बयान में पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा, “मेरी आतिफ उर्फ बाबू, सारिक मेवाती, असद और सूर्यप्रताप पुत्र कौशलेंद्र चौहान के साथ दोस्ती थी। 28.05.26 को समय 15.00 बजे बाईक चलाने को लेकर असद का सूर्यप्रताप से झगड़ा हो गया था। असद ने ये बात अपने अब्बू नवाब और मुझे बताई थी।”

उसने आगे बताया, “हमने इसे सबक सिखाने की योजना बनाई और समय करीब 15.30 बजे सूर्यप्रताप को नवनीत विहार गली नं. 04 में घेर लिया। मैंने असद को चाकू दिया और असद के अब्बू ने कहा कि आज इसकी कहानी खत्म कर दे, तभी असद ने सूर्यप्रताप के पेट में चाकू घोंप दिया। जब सूर्यप्रताप लहूलुहान होकर गिर पड़ा तो हम सभी उसे मरे हुए समझ कर वहाँ से चले गये थे।”

बता दें कि इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई 31 मई 2026 की दरमियानी रात को हुई, जब पुलिस मुठभेड़ के दौरान वारदात का मुख्य आरोपित और नवाब का बेटा असद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मारे गए मुख्य आरोपित असद पर पुलिस द्वारा 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था।

खोड़ा थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

यह पूरी घटना 28 मई 2026 की दोपहर को एक मामूली विवाद के बाद शुरू हुई थी। मृतक सूर्यप्रताप चौहान का इलाज पहले फोर्टिज अस्पताल नोएडा में चल रहा था, लेकिन 30 मई 2026 को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की।