पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार (25 मार्च 2026) को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार और राज्य मिलकर कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं। संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि कल 2700 जगहों पर छापेमारी की गई और 2000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें।
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश की रिफाइनरियाँ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और भारत के पास सालाना 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। पिछले दो दिनों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों को उन्होंने ‘घबराहट में की गई खरीदारी’ का परिणाम बताया और भरोसा दिलाया कि कहीं भी आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को 100% PNG आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और देशभर में गैस पाइपलाइन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। अब तक करीब 2.2 लाख उपभोक्ता LPG छोड़कर PNG से जुड़ चुके हैं जबकि 2.5 लाख नए आवेदन मिले हैं। इसके साथ ही CNG की भी पूरी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एलपीजी और ईंधन आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर भी मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में किसी भी तरह की कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मजदूरों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। प्रवासी मजदूरों को 5 किलो के गैस सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर दिए जा रहे हैं। 26 राज्यों में 22,000 टन एलपीजी आवंटित की गई है और हाल ही में 30,000 छोटे सिलेंडर वितरित किए गए हैं।
मंत्रालय ने LPG बुकिंग से जुड़ी अफवाहों को भी खारिज किया है। सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों में बुकिंग समयसीमा बदलने का दावा किया जा रहा था लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की समयसीमा लागू है। सरकार ने दोहराया है कि देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने की आवश्यकता नहीं है।

