‘पंजाब में पाकिस्तान सीमा से लगे गाँवों के स्कूलों-पंचायतों में नहीं मना स्वतंत्रता दिवस’: NHRC सदस्य कानूनगो का बड़ा दावा, AAP सरकार को घेरा

पूरे भारत में शनिवार (15 अगस्त 2026) को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया, देश अपना 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देशभर के सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में तिरंगा फहराया गया। हालाँकि, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने पाकिस्तान से लगी पंजाब की सीमा के पास स्थित गाँवों में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर चिंता जताई।

प्रियंक कानूनगो ने दावा किया कि पंजाब के भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे कुछ गाँवों के स्कूलों और पंचायतों में स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इन जगहों पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया और राष्ट्रगान भी नहीं गाया गया।

प्रियंक कानूनगो ने AAP नेताओं को घेरा

कानूनगो ने X पर एक पोस्ट में इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सीधे तौर पर आलोचना की।

उन्होंने इस स्थिति को ‘सरकारी राष्ट्रद्रोह’ बताते हुए सवाल किया कि पाकिस्तान की सीमा के करीब स्थित गाँवों में राष्ट्रीय पर्व ठीक से क्यों नहीं मनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों और पंचायतों में तिरंगा नहीं फहराया जाना और राष्ट्रगान नहीं गाया जाना गंभीर मामला है।

कानूनगो ने कहा कि इस तरह का व्यवहार देश और ‘माँ भारती’ के प्रति अनादर के बराबर है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कहा कि सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राज्यों में जगह-जगह फहराया गया तिरंगा

इस बीच, पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के लाल किले में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के विकास और आने वाले वर्षों के लिए देश की योजनाओं के बारे में बात की।

देश के अलग-अलग राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। नेताओं और आम नागरिकों ने सरकारी स्थानों और सार्वजनिक संस्थानों में आयोजित ध्वजारोहण समारोहों में हिस्सा लिया।

गुजरात और हरियाणा से लेकर छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम तक स्वतंत्रता दिवस के समारोहों में इस दिन की राष्ट्रीय भावना दिखाई दी। इन कार्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और भारत की आजादी के लिए चले लंबे संघर्ष को भी याद किया गया।

इन समारोहों में नागरिकों, खासकर युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया। उनसे स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों को आगे बढ़ाने और भारत के भविष्य के विकास व प्रगति में योगदान देने की अपील की गई।