ुगुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले ही बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख (15 अप्रैल 2026) के बाद राज्य में 700 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
इनमें अधिकांश सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत गए हैं। आखिरी दिन 400 से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिससे कई सीटों पर मुकाबला खत्म हो गया।
किन सीटों पर कितना रहा असर?
चुनाव आयोग के अनुसार कुल 9992 सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें से 724 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। हालाँकि यह आँकड़ा पार्टीवार नहीं है, लेकिन ज्यादातर सीटों पर भाजपा का दबदबा है। बाकी 9270 सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान होगा और 28 अप्रैल को नतीजे आएँगे।
अगर अलग-अलग निकायों की बात करें तो नगर निगम की 1044 सीटों में से 43 सीटें, नगर पालिका की 2626 सीटों में से 377 सीटें, जिला पंचायत की 1090 में से 52 सीटें और तालुका पंचायत की 5234 में से 252 सीटों पर कोई मुकाबला नहीं हुआ।
कुछ जगहों पर भाजपा को पहले ही बढ़त मिल चुकी है। कड़ी नगरपालिका में पार्टी ने मतदान से पहले ही दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं बायद और गांदेवी जैसी जगहों पर भी कई सीटों पर निर्विरोध जीत ने भाजपा को सत्ता के करीब पहुँचा दिया है। नगर निगमों में भी भाजपा के करीब 40 उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत चुके हैं, जिनमें पोरबंदर, आनंद और मेहसाना जैसे शहर शामिल हैं।

