पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण और निकाह का मामला सामने आया है। इस संबंध में, वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी संगठन ने अपने ट्वीट में जानकारी दी है।
ट्वीट में बताया गया कि लड़की नौवीं कक्षा की छात्रा थी, जिसकी किडनैपिंग के बाद पहले उसका रेप हुआ फिर उस पर धर्मांतरण का दबाव डालकर उसे निकाह को मजबूर किया गया।संगठन का दावा है कि लड़की का नाम बदलकर दुआ फातिमा रख दिया गया है और उसका निकाह इमरान अली नाम के युवक से करवाया गया है।
From Pooja to Dua Fatima: Exposing Sindh's Minority Crisis.#StopConvertingMinoritieshttps://t.co/1bJXN4gG0h
— Voice of Pakistan Minority (Urdu) (@vopm_urdu) April 21, 2026
संगठन ने इस घटना को अमानवीय बताया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में पीड़ित लड़कियों की पहचान छीन ली जाती है और उन्हें जबरदस्ती ऐसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया जाता है, जिसे उन्होंने कभी नहीं चुना होता।
संगठन के अनुसार, वह के हिंदू परिवार दर के साए में जी रहे है, उन्हे डर है कि उनकी अन्य बेटियों का अपहरण कर लिया जाएगा या उनका ब्रेनवॉश किया जाएगा और प्रेम या धर्म के नाम पर जबरन निकाह करा दिया जाएगा।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा देखा जा रहा है। संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से सख्त कार्रवाई करने और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की है।

