‘मोदी जी मुझे बचा लो’: कराची में 3 साल से फँसी रेहाना ने लगाई मदद की गुहार

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बंद हुई सीमाओं ने राजकोट के एक हँसते-खेलते परिवार को दो मुल्कों में बाँट दिया है। राजकोट के रहने वाले परवेज शेख की बीवी रेहाना पिछले तीन साल से कराची में फँसी हुई हैं, जबकि उनके दो मासूम बच्चे भारत में अपनी अम्मी के आँचल के लिए तरस रहे हैं।

रेहाना ने अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील की है कि उन्हें एक पाकिस्तानी नागरिक के बजाय एक ‘माँ’ के तौर पर देखा जाए और मानवीय आधार पर भारत आने की अनुमति दी जाए। परवेज का कहना है कि भारत सरकार की एनओसी (NOC) न मिलने के कारण वीजा प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे उनका परिवार बिखरने की कगार पर है।

वीजा रिन्यू कराने गई थीं पाकिस्तान, फिर लग गया ‘ब्रेक’

परवेज और रेहाना का निकाह 2015 में हुआ था और वे राजकोट में रह रहे थे। 2022 में वीजा खत्म होने पर अधिकारियों की सलाह पर रेहाना बच्चों और मियाँ के साथ कराची गईं, ताकि वहाँ से वीजा रिन्यू करा सकें।

लेकिन तनावपूर्ण रिश्तों और कागजी अड़चनों के कारण उनका वीजा नहीं बढ़ पाया। मजबूरी में परवेज को अपने छोटे बच्चों के साथ भारत लौटना पड़ा। आज परवेज की बेटी 8 साल की और बेटा 4 साल का हो चुका है, लेकिन पिछले तीन साल से उन्होंने अपनी अम्मी को सिर्फ वीडियो कॉल पर ही देखा है।

कराची से रेहाना का कहना है कि उनके बिना बच्चों का भविष्य अंधकार में है और वे अब और जुदाई सहन नहीं कर सकतीं। परिवार को अब सिर्फ पीएम मोदी की दखलंदाजी से ही न्याय की उम्मीद बची है।