इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जब होते थे रक्षा मंत्री, तब भारतवंशी कारोबारी ने ‘CIA एजेंट’ बन ठगा था: कहा था- 36 फाइटर जेट दिलवाऊँगा

भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का अधिकारी बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और कई बड़े अधिकारियों से करीबी बनाई, ताकि अरबों डॉलर के रक्षा सौदे हासिल किए जा सकें।

ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव श्रीवास्तव ने साल 2020 में उस समय के इंडोनेशियाई रक्षा मंत्री और मौजूदा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ वॉशिंगटन और जकार्ता में कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया। इन बैठकों में लड़ाकू विमान और दूसरे सैन्य उपकरणों की खरीद पर चर्चा हुई थी।

रिपोर्ट पूर्व कारोबारी साझेदार नील्स ट्रूस्ट द्वारा अमेरिका की अदालतों में दायर सिविल मुकदमों पर आधारित है। आरोप है कि श्रीवास्तव फोन पर खुद को CIA से जुड़ा बताते थे और इसी दावे के सहारे उन्होंने इंडोनेशिया के बड़े अधिकारियों का भरोसा जीता।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2002 बाली बम धमाकों के आरोपितों की पहचान कराने और प्रबोवो का अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से नाम हटवाने में उनकी भूमिका रही थी।

आरोप है कि 2020 से 2022 के बीच श्रीवास्तव से जुड़ी चार कंपनियों ने इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय और सरकारी रक्षा कंपनी के साथ पाँच शुरुआती समझौते किए। इनमें 36 F-15 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और सैन्य कमांड सेंटर जैसी परियोजनाएँ शामिल थीं।

हालाँकि बाद में इनमें से कोई भी सौदा अंतिम रूप तक नहीं पहुँचा। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि श्रीवास्तव की कंपनियाँ शेल कंपनियाँ थीं और उनका रक्षा खरीद का कोई अनुभव नहीं था।