हर कोई खूबसूरत और गोरा दिखना चाहता है। इसी चाहत में लोग अक्सर बिना सोचे-समझे बाजार में मिलने वाली कोई भी ब्यूटी क्रीम चेहरे पर लगाने लगते हैं। लेकिन कभी-कभी गोरा होने का यही शौक जिंदगी पर भारी पड़ जाता है। हाल ही में भारत में एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया। पाकिस्तान में बनी एक मशहूर ब्यूटी क्रीम को लगाने से भारत की कई महिलाओं की सेहत पूरी तरह बिगड़ गई। इस क्रीम ने न सिर्फ महिलाओं के चेहरे को खराब किया, बल्कि सीधे उनकी किडनी पर इतना बुरा असर डाला कि वे गंभीर रूप से बीमार हो गईं।
इस पूरे हंगामे की वजह पाकिस्तान की ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ (Goree Beauty Cream) है। इस क्रीम को लेकर दावा किया जाता था कि इसे लगाने से चेहरा तुरंत गोरा हो जाता है, लेकिन अब इसके पीछे का जहरीला सच सबके सामने आ चुका है। महाराष्ट्र के नागपुर में जब कई महिलाओं ने इस क्रीम को लगाया, तो उन्हें सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएँ होने लगीं। जब इसकी शिकायतें डॉक्टरों और सरकार तक पहुँचीं, तो जाँच टीमें तुरंत अलर्ट हो गईं। लैब में इस क्रीम की बारीकी से जाँच की गई, जिसमें खतरनाक केमिकल मिले। इसके बाद भारत सरकार और महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सच का पता लगाकर इस क्रीम को भारत में पूरी तरह बैन कर दिया है।
नागपुर से हुई जहरीले सच की शुरुआत
यह मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के नागपुर में कई महिलाओं की तबीयत अचानक खराब होने लगी। जब वे डॉक्टरों के पास पहुँचे, तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ पिछले दो साल से गोरा होने के लिए एक ही ब्रांड की क्रीम लगा रही थीं। जाँच में सामने आया कि इस क्रीम की वजह से उनकी किडनी खराब हो चुकी थी और उनके शरीर में खतरनाक जहर फैल गया था।
डॉक्टरों ने जब गहराई से जाँच की, तो मालूम पड़ा कि ये सभी 18 महिलाएँ इंटरनेट और सोशल मीडिया से खरीदकर ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ (जो पाकिस्तान की है) इस्तेमाल कर रही थीं। यह बात पता चलते ही डॉक्टरों ने तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशासन को दी। इसके बाद सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए बाजार से इस क्रीम को जब्त कर लिया और जांच के लिए लैब में भेज दिया ताकि पता चल सके कि इसमें कौन से खतरनाक केमिकल मिलाए गए हैं।
प्रयोगशाला की जाँच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जब महाराष्ट्र के सरकारी विभाग (FDA) ने इस ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ की लैब में जाँच की, तो नतीजे बहुत डराने वाले थे। जाँच में पता चला कि इस क्रीम में पारा (Mercury) और शीशा (Lead) जैसे बेहद खतरनाक और जहरीले केमिकल मिले हुए थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इसमें पारे (Mercury) की मात्रा तय कानूनी सीमा से 752 गुना ज्यादा थी।
डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के मुताबिक, कंपनियाँ इस पारे का इस्तेमाल इसलिए करती हैं ताकि त्वचा का रंग बहुत जल्दी गोरा और साफ दिखने लगे। लेकिन यह गोरापन कोई असली निखार नहीं होता, बल्कि केमिकल्स के कारण त्वचा को पहुँचने वाला नुकसान होता है। यह खतरनाक पारा स्किन के छोटे-छोटे छेदों (रोमछिद्रों) के रास्ते बहुत आसानी से शरीर के अंदर चला जाता है और धीरे-धीरे अंदरूनी अंगों को खराब करने लगता है।
किडनी पर सीधा हमला और ‘मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी’ का खतरा
रोज इस प्रतिबंधित (बैन) क्रीम को लगाने की वजह से महिलाओं के शरीर में यह खतरनाक पारा जमा होता गया, जिसने सीधे उनकी किडनी को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि त्वचा के रास्ते शरीर में पहुँचा यह जहर अंदरूनी अंगों को खराब करता है और शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत (इम्यून सिस्टम) को बिगाड़ देता है। इससे किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर सकती है, जिसका इलाज बहुत मुश्किल और महँगा होता है।
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, ऐसे ज्यादा पारे वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से किडनी की एक गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में किडनी का फिल्टर करने वाला हिस्सा खराब हो जाता है, जिससे शरीर का जरूरी प्रोटीन पेशाब के रास्ते बाहर बहने लगता है। नागपुर की पीड़ित महिलाओं में भी ठीक यही बीमारी और लक्षण पाए गए, जो लंबे समय तक इस जहरीली क्रीम को लगाने की वजह से हुए थे।
भारतीय प्रशासनिक तंत्र और सरकार का कड़ा एक्शन
इस बड़े खतरे को देखते हुए भारत सरकार और महाराष्ट्र के विभाग (FDA) ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया है। प्रशासन ने ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ के साथ दो और खराब ब्यूटी प्रोडक्ट्स- ‘फेस फ्रेश गोल्ड’ (क्रीम और सीरम) और ‘कॉस्मेटिक गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम’ को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है। अब इन पर पूरी तरह बैन लगा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे इन्हें भूलकर भी न खरीदें।
इसके साथ ही, पूरे महाराष्ट्र में नकली और खराब कॉस्मेटिक्स बेचने वालों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया गया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की देखरेख में सिर्फ जून के महीने में ही 34 जगहों पर छापे मारे गए। इस कार्रवाई में 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकली दवाएँ और खतरनाक ब्यूटी प्रोडक्ट्स जब्त किए गए हैं। साथ ही, नियम तोड़ने वाले दुकानदारों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई हैं और दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
नियमों का सरेआम उल्लंघन और मुंबई में क्रिमिनल केस
जाँच करने वाले अधिकारियों को पता चला कि इन पाकिस्तानी क्रीमों के पैकेट पर कानून के मुताबिक कोई भी जरूरी जानकारी नहीं लिखी थी। पैकेट पर न तो बनाने वाली कंपनी का नाम-पता था, और न ही यह लिखा था कि क्रीम कब बनी है और कब खराब (Expire) होगी। यह पूरी तरह से कानून का उल्लंघन था, जिससे ग्राहकों को धोखे में रखकर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।
इसी बीच, मुंबई पुलिस ने चेंबूर इलाके के एक दुकानदार पर केस दर्ज किया है। इस दुकानदार पर आरोप है कि पाकिस्तान से सामान मँगाने पर रोक होने के बावजूद, वह छिपकर यह खतरनाक ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ बेच रहा था। अब पुलिस और एजेंसियाँ इस बात की गहराई से जाँच कर रही हैं कि रोक होने के बाद भी यह प्रतिबंधित क्रीम भारतीय बाजारों और दुकानों तक किस रास्ते से पहुँच रही थी।
ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया के जरिए भारत में एंट्री
इस मामले में एक और बड़ी चिंता की बात यह है कि रोक होने के बाद भी यह पाकिस्तानी क्रीम लोगों के घरों तक कैसे पहुँची। जाँच में पता चला कि इसे बेचने के लिए इंस्टाग्राम पेजों, रील्स और इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा था। यहाँ तक कि मीशो (Meesho) जैसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर भी कुछ बाहरी दुकानदारों (थर्ड-पार्टी सेलर्स) द्वारा यह खतरनाक क्रीम धड़ल्ले से बेची जा रही थी, जहाँ से आम महिलाओं ने इसे आसानी से ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया।
सोशल मीडिया पर इसके विज्ञापनों और झूठे दावों को देखकर सीधी-सादी महिलाएँ इसके जाल में फँस गईं और इसे चेहरे के लिए बहुत अच्छा मान बैठीं। इंटरनेट पर इस क्रीम से बहुत जल्दी गोरा होने का झूठा प्रचार किया गया था, जिसे देखकर लोगों ने इसे खरीदा। अब सरकार ने सभी ऑनलाइन वेबसाइटों और छोटे-बड़े दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी है कि वे इस क्रीम को तुरंत बेचना बंद कर दें, वरना उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लग चुके हैं इस क्रीम पर प्रतिबंध
इस पाकिस्तानी क्रीम का यह सच सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सामने आ चुका है। यह ब्रांड विदेशों में भी अपनी बदनामी के लिए जाना जाता है। साल 2021 में न्यूजीलैंड की सरकारी दवा संस्था ने अपने लोगों को चेतावनी देते हुए इस क्रीम को लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी, क्योंकि वहाँ की लैब जाँच में भी इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में जहरीला पारा और शीशा पाया गया था।
इसके बाद, साल 2025 में फिलीपींस सरकार ने भी इस क्रीम के सभी प्रोडक्ट्स को सेहत के लिए खतरनाक बताते हुए चेतावनी जारी की थी। फिलीपींस सरकार का कहना था कि इस क्रीम को देश में बेचने की कोई कानूनी मंजूरी नहीं थी। दुनिया भर में बार-बार बैन होने के बाद भी, यह पाकिस्तानी ब्रांड तस्करी और इंटरनेट के गलत रास्तों के जरिए दुनिया के बाजारों में छिपकर बिकने की कोशिश कर रहा है।
सोशल मीडिया पर दिखा भारी आक्रोश और जनता का रिएक्शन
इस खुलासे के बाद इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लोग बहुत गुस्से में हैं और इस पर बड़ी बहस छिड़ गई है। इस मामले को सबसे पहले ‘X’ (ट्विटर) पर चिराग बरजात्या नाम के एक व्यक्ति ने पोस्ट शेयर करके सामने लाया था, जिसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई। इस पोस्ट को देखकर हजारों लोगों ने गुस्सा जताया और इसे भारतीयों के खिलाफ एक तरह का ‘केमिकल हमला’ (केमिकल टेररिज्म) कहा।
18 women in Nagpur, Maharashtra complained about kidney problems to their doctors in the span of two years. Doctors saw a pattern and checked that all of them were using this pakistani cream sold by many Instagram pages and meesho.
— Chirag Barjatya (@chiragbarjatya) July 5, 2026
FDA Maharashtra took the cream samples. Sent to… pic.twitter.com/LqPZayJQKV
लोग न सिर्फ इस पाकिस्तानी क्रीम को कोस रहे हैं, बल्कि भारत की ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स पर भी सवाल उठा रहे हैं कि उन्होंने बिना जाँच-पड़ताल के इसे अपनी साइट पर कैसे बिकने दिया। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन वेबसाइट्स को कोई भी विदेशी सामान बेचने से पहले उसकी सरकारी मंजूरी और लैब रिपोर्ट जरूर चेक करनी चाहिए। इसके साथ ही, लोग इंटरनेट पर अभियान चलाकर अपील कर रहे हैं कि अपने रिश्तेदारों और घर के काम करने वाले सहायकों को इसके बारे में सावधान करें, और अगर किसी के पास भी यह क्रीम दिखे, तो उसे तुरंत कचरे के डिब्बे में फेंक दें।
गोरेपन का जानलेवा भ्रम और हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
पाकिस्तानी क्रीम का यह मामला दिखाता है कि गोरा होने की चाहत, टीवी-इंटरनेट के झूठे विज्ञापन और हमारी आज की आदतें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। कुछ ही दिनों में गोरा करने का दावा करने वाली ये क्रीम असल में खूबसूरती बढ़ाने की चीज नहीं, बल्कि बोतलों में बंद धीमा जहर हैं, जो धीरे-धीरे हमारे शरीर के अंगों को खराब कर रही हैं। इस घटना से साफ है कि बिना डॉक्टर की सलाह या बिना सरकारी मंजूरी के इंटरनेट से कोई भी क्रीम या कॉस्मेटिक खरीदना जानलेवा हो सकता है।
अब समय आ गया है कि हम सिर्फ सरकार या पुलिस के भरोसे न बैठें, बल्कि खुद भी सोचें। हमें यह समझना होगा कि जैसा हमारा प्राकृतिक रंग है, वही सबसे अच्छा और सेहतमंद है। गोरा होने की अंधी दौड़ में पड़कर अपनी जान जोखिम में डालना बहुत बड़ी बेवकूफी है। सरकार का इस क्रीम को बैन करना और छापे मारना बहुत अच्छा कदम है, लेकिन यह समस्या तभी पूरी तरह खत्म होगी जब हम खुद समझदार बनेंगे, झूठे विज्ञापनों के बहकावे में नहीं आएँगे और चोरी-छिपे आने वाले ऐसे जहरीले विदेशी सामानों को पूरी तरह ना कह देंगे।


