‘CM साहब, हमें उकसाइए मत’: कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने ठेकेदारों को नहीं दिया काम का पैसा, ₹37000 करोड़ बकाया; लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार एक बड़े संकट में घिरती नजर आ रही है। कर्नाटक स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (KSCA) ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने विभिन्न विभागों का 37,370 करोड़ रुपए का बकाया भुगतान जल्द जारी नहीं किया, तो 5 मार्च 2026 से पूरे राज्य में निर्माण कार्य ठप कर दिए जाएँगे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आर मंजुनाथ ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा, “हमें उकसाइए मत,” और साफ किया कि वे इस मुद्दे को लेकर राहुल गांँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्यपाल तक न्याय की गुहार लगाएँगे।

भ्रष्टाचार के आरोप और विभागों पर करोड़ों की देनदारी

ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान न मिलने के कारण वे गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। आँकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 13,000 करोड़ रुपए जल संसाधन विभाग पर बकाया हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग (PWD) पर 8,370 करोड़ रुपए की देनदारी है।

इसके अलावा शहरी विकास और लघु सिंचाई विभागों में भी भारी भुगतान लंबित है। एसोसिएशन के महासचिव जी एम नंदकुमार ने आरोप लगाया है कि कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार अब पहले से दोगुना हो गया है और टेंडर मंजूरी में बिचौलियों का दखल बढ़ गया है।

गौरतलब है कि यही वह एसोसिएशन है जिसने पिछली भाजपा सरकार पर ‘40% कमीशन’ का आरोप लगाया था, जिसे कॉन्ग्रेस ने चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था, लेकिन अब ठेकेदार कॉन्ग्रेस शासन में भ्रष्टाचार बढ़ने का दावा कर रहे हैं।

सरकार का जवाब: आरोपों को बताया निराधार और बेबुनियाद

दूसरी ओर, कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री बयराठी सुरेश ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के आरोप बिना किसी सबूत के हैं और टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।

मंत्री बयराठी सुरेश ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया ‘ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत होती है, जिसमें किसी भी मंत्री के हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। भुगतान को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि वरिष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर पैसे जारी किए जाएँगे। उनके अनुसार, वित्त विभाग की मंजूरी के बाद 200 करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं और विधानसभा सत्र के बाद करीब 200 से 300 करोड़ रुपए और तुरंत जारी करने की तैयारी है।