कर्नाटक की सत्ता में साझेदारी को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खेमे के करीब 10 कॉन्ग्रेस विधायक अचानक दिल्ली पहुँच गए हैं। उनका मकसद पार्टी के हाईकमान पर दबाव बनाना है, ताकि ढाई साल पहले किया गया सत्ता-बँटवारे का वादा पूरा किया जा सके और शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
सीएम पद के लिए दिल्ली में विधायकों का जमावड़ा
कर्नाटक में यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। कर्नाटक में भाजपा सरकार को हटाकर मई 2023 में कॉन्ग्रेस सरकार बनी थी। राज्य में लंबे समय से इस बात की चर्चा चल रही है कि नेतृत्व बदला जाएगा। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी कई विधायक गुरुवार (20 नवंबर 2025) को अचानक दिल्ली पहुँचे। इन विधायकों का लक्ष्य पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी बात रखना है।
इन विधायकों की अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ शुक्रवार (21 नवंबर 2025) सुबह बैठक होनी है। इस बैठक में ये विधायक औपचारिक रूप से अपनी माँग रखेंगे कि ढाई साल पहले मुख्यमंत्री पद बाँटने का जो वादा किया गया था, उसे अब निभाया जाए।
कौन-कौन विधायक दिल्ली पहुँचे?
गुरुवार (20 नवंबर 2025) को दिल्ली पहुँचने वाले विधायकों में दिनेश गुलीगौड़ा, रवि गनिगा और गब्बी वासु शामिल थे। इनके साथ अनेकल शिवन्ना, नेलमंगला श्रीनिवास, इकबाल हुसैन, कुनिगल रंगनाथ, शिवगंगा बसवराजू और बालकृष्णा जैसे और विधायक भी जुड़ेंगे। जानकारी मिली है कि इस सप्ताह के अंत तक शिवकुमार के समर्थन में और भी विधायक दिल्ली पहुँच सकते हैं।

