जानिए कौन थे दुबई में तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटना में बलिदान हुए भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल?

दुबई एयर शो में शुक्रवार (21 नवंबर 2025) को शो के दौरान लड़ाकू विमान तेजस के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल बलिदान हो गए। यह हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:10 बजे हुआ।

दुर्घटना का शिकार हुआ विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित एक सिंगल-सीट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस था। प्रत्यक्षदर्शियों और ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान एक करतब के दौरान नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही क्षणों बाद जमीन से टकरा गया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश ने एक साहसी और कर्तव्यनिष्ठ पायलट को खो दिया है। उन्होंने विंग कमांडर स्याल की बहादुरी और देश के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखने की बात कही और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।

उन्होंने एक्स पर लिखा, “दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के वीर सपूत नमन स्याल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया है। शोकाकुल परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ।”

कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल?

विंग कमांडर नमांश स्याल (34) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पत्यालकर गाँव के निवासी थे। भारतीय वायुसेना में तैनात नमांश अपने पीछे पत्नी, छह साल की बेटी और माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भी वायुसेना में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

स्याल की शिक्षा हमीरपुर जिले के सैन्य स्कूल सुजानपुर टीरा में हुई थी, जहाँ से कई युवा देश की सेनाओं में शामिल हुए हैं। उनके पिता जगर्नाथ स्याल भारतीय सेना की मेडिकल कॉर्प्स में सेवा दे चुके हैं और बाद में शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में काम करके स्कूल प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुए।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, दुर्घटना की खबर मिलने के समय उनके माता-पिता तमिलनाडु के सुलूर एयरफोर्स स्टेशन में थे। वहीं, उनकी पत्नी इस समय कोलकाता में एक प्रोफेशनल कोर्स कर रही हैं। गाँव के लोग उन्हें अनुशासित और सरल स्वभाव वाला व्यक्ति बताते हुए गहरे दुख में हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें जल्द ही पदोन्नति मिलने वाली थी।

यह घटना मार्च 2024 में जैसलमेर के पास प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुए एक अन्य तेजस विमान हादसे के बाद सामने आई है, जिसमें पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा था।

कैसे हुई दुर्घटना?

एक वीडियो में दिखाई देता है कि तेजस लड़ाकू विमान बहुत कम ऊँचाई पर एक नेगेटिव-जी स्टंट कर रहा था, लेकिन वह समय पर उसे सँभाल नहीं पाए। यह manoeuvre आमतौर पर तेजस के प्रदर्शन की खास झलक होता है। विमान कुछ क्षणों के लिए सीधा हुआ भी, मगर तब तक उसकी रफ्तार जमीन की ओर बहुत अधिक हो चुकी थी।

कुछ ही सेकंड में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पायलट को इजेक्ट करने का मौका नहीं मिल सका। अब भारतीय वायुसेना और एयर शो के अधिकारी इस हादसे की जाँच करेंगे, ताकि पता चल सके कि एरोबेटिक प्रदर्शन के दौरान आखिर गलती कहाँ हुई।