लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने सदन में देश के बढ़ते वायु प्रदूषण पर तुरंत बहस की माँग करते हुए सराकर को चौंका दिया। उन्होंने प्रदूषण को एक ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ बताते हुए इसे राजनीतिक खींचतान से ऊपर रखने की अपील की।
राहुल गाँधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष इस गंभीर मुद्दे पर सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है और जोर दिया कि बहस आरोप-प्रत्यारोप की जगह सहयोग और समाधान पर केंद्रित होनी चाहिए। सरकार ने भी इस चर्चा को कराने के लिए अपनी सहमति के संकेत दिए हैं।
सदन में सहयोग की अप्रत्याशित अपील
राहुल गाँधी ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रदूषण का मुद्दा ‘सोच’ का नहीं, बल्कि ‘सहयोग’ का है, जिस पर सरकार और विपक्ष दोनों सहमत होंगे। उन्होंने देश के शहरों में जहरीली हवा के कारण बच्चों को फेफड़ों की बीमारी और बुज़ुर्गों को साँस लेने में हो रही दिक्कतों का जिक्र किया। इस गंभीर हालात को देखते हुए, उन्होंने सरकार से शहरों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक विस्तृत प्लान बनाने का आग्रह किया। इसके अलावा, राहुल गाँधी ने कहा, “हमें कोशिश करनी चाहिए कि यह ऐसी चर्चा न हो जिसमें हम आपको गाली दें और आप हमें गाली दें।”
#WATCH दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "यह ज़रूरी है कि सरकार हमारे शहरों में वायु प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए एक प्लान बनाए। हम ऐसा प्लान बनाने में सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। आजकल ऐसे ज़्यादा मुद्दे नहीं हैं जिन पर सरकार… https://t.co/LCsfqPWSkN pic.twitter.com/g2DW5VZnyb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 12, 2025
आरोप-प्रत्यारोप से बचने की सलाह
विपक्ष के नेता ने सरकार को यह आश्वासन दिया कि कॉन्ग्रेस पार्टी इस प्लान को बनाने में मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने संसद से अपील की कि इस बहस को आरोप-प्रत्यारोप वाली राजनीति से दूर रखा जाए। राहुल गाँधी ने कहा, “हमें इसे ऐसी चर्चा बनाना चाहिए जिसमें हम देश को दिखाएँ कि इस बुनियादी मुद्दे पर सहमति है और इसे हल करने के लिए सबसे अच्छे दिमाग लगाए जाएँगे।”
PM से 10 साल का प्लान बनाने का आग्रह
राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री से विशेष आग्रह किया कि हर शहर के लिए एक दीर्घकालिक (5 या 10 साल का) प्लान बनाया जाए। उनका मानना है कि ऐसा प्लान समस्या का समाधान करने में मदद करेगा और आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगा। राजनीतिक गलियारों में यह सहयोग की पहल चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि विपक्ष अक्सर सरकार पर हमलावर रहता है।

