BJP सांसद निशिकांत दुबे को लोकपाल से ‘क्लीन चिट’: आय से अधिक संपत्ति के आरोप तथ्यहीन करार, भाजपा ने पूछा- बिना सबूत क्यों कूदी कॉन्ग्रेस?

लोकपाल ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी अनामिका गौतम के खिलाफ दायर आय से अधिक संपत्ति की शिकायत को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अपने फैसले में लोकपाल ने स्पष्ट किया कि सांसद के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया जा सका।

इस क्लीन चिट के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित और प्रेरित अभियान था, जिसका इकलौता मकसद निशिकांत दुबे की छवि को धूमिल करना था। भाजपा के अनुसार, लोकपाल का यह आदेश साबित करता है कि सांसद पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित थे।

इस मामले के बहाने भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर भी तीखे सवाल दागे हैं। पार्टी नेताओं ने कॉन्ग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस की आलोचना करते हुए पूछा कि आखिर किस आधार पर इस विषय को सार्वजनिक मंच पर उछाला गया। भाजपा का आरोप है कि जब शिकायतकर्ता खुद लोकपाल की सुनवाई से बचते रहे, तब कॉन्ग्रेस ने बिना किसी पुख्ता सबूत के इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की। भाजपा ने इसे कांग्रेस की पुरानी राजनीति करार देते हुए कहा कि विपक्षी दल बार-बार बिना किसी ठोस आधार के आरोप लगाकर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने की कोशिश करता रहा है।

दूसरी ओर, सांसद की पत्नी अनामिका गौतम ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखने की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया कि वह आने वाले समय में लोकपाल के समक्ष अपनी बात रखेंगी ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। हालाँकि, वर्तमान में मामला कानूनी प्रक्रिया के अधीन होने के कारण उन्होंने आरोपों पर विस्तार से कोई प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझा। लोकपाल के इस कड़े रुख और आरोपों को सिरे से खारिज करने के बाद अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।