अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाकर 13 साल के छात्र ने स्कूल में किया चाकू से वार, 2 घायल: पुलिस आतंकी हमले के एंगल से करेगी जाँच, हमलावर के अम्मी-अब्बा से भी होगी पूछताछ

लंदन के ब्रेंट स्थित किंग्सबरी हाई स्कूल में मंगलवार (10 फरवरी 2026) को एक गंभीर घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। एक छात्र ने अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाते हुए 12 और 13 साल के दो छात्रों पर चाकू से हमला किया। छात्रों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ गंभीर हालत में उनका इलाज जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस को दी गई। दोपहर लगभग 12.40 बजे पुलिस स्कूल में पहुँची तो देखा कि दोनों छात्र घायल अवस्था में पड़े हैं। दोनों छात्रों को लंदन एम्बुलेंस सेवा से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की। अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाकर हमला करने वाले 13 साल के लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि इसी लड़के ने दोनों किशोरों पर हमला किया। हमला करने के बाद मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपित लड़के के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। लड़के के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। घटना की पूरी जाँच लंदन पुलिस के काउंटर टेररिज्म विभाग कर रहा है।

पुलिस ने यह भी बताया कि अभी तक इसे आतंकवादी हमला घोषित नहीं किया गया है और वे अलग-अलग पहलुओं से घटना की जाँच कर रहे है। पुलिस ने कहा कि वह किसी और संदिग्ध की तलाश नहीं कर रहे हैं और मुख्य जाँच टीम इस मामले में जल्द सबूत इकट्ठा करने में लगी हुई है।

घटना के बाद स्कूल को तत्काल लॉकडाइन लगा दिया गया। छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित रखा गया। हमले के प्रत्यक्षदर्शी छात्र बहुत डरे हुए हैं। पुलिस ने 8 छात्रों को गवाह बनाया है। स्कूल ने बयान जारी करते हुए कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और छात्र और उनके माता-पिता से संपर्क किया जा चुका है। बुधवार (11 फरवरी 2026) को स्कूल बंद रखा गया है।

इस दर्दनाक घटना पर ब्रिटेन की सरकार के कई नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। गृह सचिव शबाना महमूद और शिक्षा सचिव ब्रिजेट फिलिपसन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। दोनों ने घायल बच्चों के परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त की। लंदन के मेयर सादिक खान ने भी लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी है, तो वे तुरंत पुलिस से साझा करे। उन्होंने यह भी कहा कि चुप रहने से कोई सम्मान नहीं मिलेगा।