मध्य प्रदेश के देवास में सामूहिक विवाह के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ शादी की उम्मीद में 42 दूल्हे चमकीली शेरवानी पहने, गले में गेंदे के फूलों की माला डाले और हाथों में मिठाइयों से भरे स्टील के डिब्बे लिए रातभर दुल्हनों का इंतजार करते रह गए, लेकिन कोई नहीं आया।
इस मामले में कार्रवाई करते हुए BNP थाना पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपितों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य आरोपित दिनेशदास बैरागी समेत चार अन्य लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
अनाथ आश्रम की लड़कियों का दिया झांसा
ठगों ने ऐसे युवकों को निशाना बनाया जिनकी उम्र ज्यादा हो चुकी थी और शादी नहीं हो पा रही थी। आरोपितों ने युवकों को झांसा दिया कि इंदौर के ‘मातृ छाया अनाथ आश्रम’ की लड़कियों से उनकी शादी कराई जाएगी।
शादी कराने के बदले में हर दूल्हे से 15 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक रजिस्ट्रेशन फीस वसूली गई। सीहोर के फरियादी अभिषेक वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
मोबाइल पर दिखाईं मॉडल्स की तस्वीरें
शादी के नाम पर ठगी का यह जाल बेहद शातिर तरीके से बुना गया था। पीड़ितों के मुताबिक, आयोजकों ने मोबाइल पर लड़कियों की जो तस्वीरें दिखाई थीं, वे असल में सोशल मीडिया से डाउनलोड की गई मॉडल्स की फोटो थीं। इतना ही नहीं, ठगों ने ऑनलाइन दस्तावेज भी जमा करवाए थे और शादी में दहेज का सामान देने का वादा भी किया था।
‘हल्दी-मेहंदी मत लगाना’, कहकर क्लब ग्राउंड बुलाया
ठगों ने दूल्हों से कहा था कि वे घर से हल्दी-मेहंदी लगाकर न आएँ और सादे कपड़ों में पहुँचें। उन्होंने वादा किया था कि दूल्हे की शेरवानी से लेकर शादी की हर रस्म वे खुद वेन्यू पर ही पूरी करवाएँगे। 24 मई को तय तारीख से एक दिन पहले ही 42 दूल्हे अपने 200 से अधिक रिश्तेदारों के साथ गाड़ियों में सवार होकर देवास के क्लब ग्राउंड पहुँच गए।
रविवार रात तक जब न तो कोई दुल्हन आई और न ही आयोजक पहुँचे, तो पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। आयोजकों ने अपने फोन भी बंद कर लिए थे। इसके बाद क्लब ग्राउंड में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची।
पुलिस खंगाल रही है गिरोह की कुंडली
BNP थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपित मुकेशदास बैरागी और उसकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है। ये आरोपित विदिशा जिले के रहने वाले हैं, इसलिए पुलिस की एक टीम वहाँ भी भेजी गई है।
पुलिस अब उस अनाथ आश्रम के संचालक से भी संपर्क करेगी, जिसके नाम का इस्तेमाल करके इन 42 परिवारों की भावनाओं और पैसों से खिलवाड़ किया गया।

