मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला परिसर में 22 मई 2026 को इतिहास बदल गया है। HC के फैसले के बाद यह पहला शुक्रवार है, जब परिसर में नमाज पर रोक लगी और हिंदुओं को प्रवेश मिला। 721 साल बाद हिंदुओं ने भारी सुरक्षा के बीच गर्भगृह में माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना और भव्य आरती शुरू कर दी है।
इस बड़े बदलाव को देखते हुए पूरे धार शहर को छावनी में बदल दिया गया है। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर आज सुनवाई हो सकती है।
Dhar, Madhya Pradesh: Puja and aarti of Goddess Vagdevi (Saraswati Devi) were performed at the Bhojshala on Friday pic.twitter.com/SFMszj0NTU
— IANS (@ians_india) May 22, 2026
हट गया पाबंदी वाला पुराना बोर्ड
भोजशाला परिसर में सालों से एक बोर्ड लगा हुआ था। इस बोर्ड पर लिखा था कि ‘शुक्रवार को हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।’ आज इतिहास में पहली बार इस बोर्ड पर रंग पोतकर इसे हटा दिया गया है।
721 साल बाद यह पहला मौका है जब शुक्रवार के दिन हिंदू समाज के लोग परिसर के अंदर कदम रख पाए हैं। सुबह तय समय पर श्रद्धालु मंत्रोच्चार करते हुए अंदर पहुँचे। उन्होंने माँ वाग्देवी को चुनरी ओढ़ाकर पुष्प अर्पित किए।
भक्ति के माहौल में गूंजे शंख और मंत्र
पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरे गर्भगृह को खूबसूरत फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। सुबह की आरती के दौरान भोजशाला का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
परिसर के अंदर शंख और वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। माँ वीणावादनी की मूर्ति के सामने विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। दोपहर में यहाँ एक विशाल महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा।
मुस्लिम पक्ष पहुँचा सुप्रीम कोर्ट
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 मई को अपने फैसले में इस जगह को देवी सरस्वती का मंदिर माना था। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। मस्जिद के सदर अब्दुल समद और काजी मोइनुद्दीन का कहना है कि यहाँ पिछले 700 साल से जुमे की नमाज होती रही है।
परंपरा टूटने से मुस्लिम समाज में दुख है, लेकिन वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। मुस्लिम पक्ष को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें आज स्टे मिल सकता है। वहीं, हिंदू पक्ष ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में ‘केविएट’ दाखिल कर दी है ताकि उनका पक्ष सुने बिना कोर्ट कोई एकतरफा आदेश न दे।
सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम
शहर में किसी भी तरह का तनाव न फैले, इसके लिए धार प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। भोजशाला की सुरक्षा को तीन स्तरों (थ्री-लेयर) में बांटा गया है। शहर में सुरक्षा के लिए 2200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
#WATCH | Dhar, MP | SP Sachin Sharma says, "Following the High Court's order in Dhar district, it is our duty to strictly enforce compliance with all rules. We have maintained contact with everyone, and continuous meetings have been held with all groups. Everyone has assured that… https://t.co/xXWUssrWcR pic.twitter.com/q1RgfQNLji
— ANI (@ANI) May 22, 2026
इनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की दो कंपनियाँ और एसएएफ के जवान शामिल हैं। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और बाइक पुलिस टीम की मदद ली जा रही है। शहर में धारा 144 लागू है और किसी भी तरह के जुलूस पर रोक है।
अस्पताल और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने जेल वाहन, वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड को मौके पर तैनात रखा है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड रिजर्व कर दिए गए हैं।
ICU और सामान्य वार्ड को तैयार रखा गया है। भोजशाला परिसर के बाहर चार एंबुलेंस तैनात हैं और 12 डॉक्टरों की मेडिकल टीम देर शाम तक वहीं मौजूद रहेगी। धार के कलेक्टर और SP सचिन शर्मा ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

