आचार्य ललित मिश्रा ने कार्यक्रम से पहले यहाँ गणेश पुराण कथा करवाया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त और गाँव वाले मौजूद थे।
पिछले तीन साल से आचार्य ललित मिश्रा धार्मिक आयोजन करते आ रहे हैं। कार्यक्रम के समापन के दौरान ऐसे परिवार जो हिन्दू धर्म अपनाना चाहते हैं, उनके लिए अनुष्ठान किया जाता है। इस दौरान स्वेच्छा से परिवार पहुँचते हैं और सनातन धर्म स्वीकार करते हैं। आचार्य का कहना है कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और किसी के खिलाफ नहीं हैं। उनका काम ऐसे लोगों को मूल संस्कृति की ओर लाना है, जो भटक गए हैं और किसी लोभ में धर्मांतरण किया है।
इस बार जिन 3 परिवारों ने सनातन स्वीकार किया है, उनका कहना है कि कुछ साल पहले उनलोगों ने सामाजिक और व्यक्तिगत वजहों से धर्मांतरण किया था। लेकिन कुछ साल बाद उन्हें अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ाव महसूस हुआ और उन्होंने फिर से सनातनी बनना स्वीकार कर लिया।

