स्थानीय कर्जत पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर हनुमान गायकवाड़ के मुताबिक, घटना के समय अंकिता घर पर अकेली थी, क्योंकि उसके माता-पिता और भाई आषाढ़ी एकादशी के लिए पंढरपुर गए थे।
ये घटना शनिवार (25 जुलाई 2026) की शाम करीब 4.30 बजे की है। घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था। गायकवाड़ ने आगे बताया कि नोट में लिखा था कि वह यह कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि वह NEET की दोबारा परीक्षा में अपने रिजल्ट से परेशान और निराश थी।
मृतक अंकिता ने कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसने सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं डिप्रेशन में चली गई हूँ, क्योंकि मुझे NEET में उम्मीद के मुताबिक मार्क्स नहीं मिले और डॉक्टर बनने का मेरा सपना अधूरा रह गया। प्लीज मेरी मौत के लिए मेरे माता-पिता को जिम्मेदार न ठहराएँ।”
उसने आगे लिखा, “आप सभी ने मुझे इतना प्यार दिया, लेकिन मैं आपकी एक भी इच्छा पूरी नहीं कर पाई। माँ आपने हर मुश्किल में एक दोस्त की तरह मेरा साथ दिया। दादा, आपने भी हमेशा साथ दिया। आपने मुझे मम्मी-पापा से भी ज्यादा प्यार किया। मेरी सुसाइड के लिए आप लोग दोषी नहीं हैं, मैं हार गई हूँ।”
छात्रा को नीट री परीक्षा में 166 अंक मिले थे जबकि परीक्षा की क्लालिफाई मार्क्स 177 रही। यानी उसे क्वालिफाई करने के लिए 11 अंकों की जरूरत थी। उसने 3 मई को हुए नीट का पहला एग्जाम भी दिया था। लेकिन रीनीट के रिजल्ट से वह गहरे सदमे में चली गई। उसने ऑनलाइन नीट की कोचिंग ली थी और घर पर ही रह कर नीट की तैयारी की थी। परिवार करजत तालुका के जलालपुर गाँव का रहने वाला है।
बेटी की अचानक हुई मौत से परिवार टूट गया है। अंकिता को बचपन से डॉक्टर बनने का शौक था। इसलिए उसने 12वीं में बायो साइंस की पढ़ाई की। 12वीं के बाद वह ड्रॉप लेकर एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए नीट की तैयारी कर रही थी। वह कोचिंग भी ऑनलाइन ले रही थी।
इससे पहले 20 जून को नासिक के निफाड तालुका के करंजी गाँव में 21 साल की यश गोसावी ने कथित तौर पर दोबारा परीक्षा से एक दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। परिवार वालों के मुताबिक, वह पेपर लीक होने और दोबारा परीक्षा की वजह से काफी परेशान हो गया था। उसे पहली परीक्षा में एमबीबीएस में एडमिशन मिलने का पूरा भरोसा था।

