महाराष्ट्र के जालना जिले में ‘लव जिहाद’ और यौन शोषण का मामला सामने आया है। पारध पुलिस ने मामले में शेख इमरान, शेख हबीब, शेख बानो और शेख जुनैद को गिरफ्तार किया है। चारों पर 25 वर्षीय हिंदू युवती के साथ करीब 10 साल तक दुष्कर्म, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप हैं।
मामला जालना जिले की भोकरदन तहसील के वालसावंगी गाँव का है। पीड़िता के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम साल 2016 में शुरू हुआ, जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला इमरान एक दिन उसके घर में घुस आया और नहाते समय उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
बाद में उन्हीं तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि 2018 में जब पीड़िता 11वीं की पढ़ाई के लिए छत्रपति संभाजीनगर गई, तब आरोपित वहाँ भी पहुँच गया। आरोप है कि एक रिश्तेदार के घर ले जाकर उसके साथ पहली बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए।
जबरन धर्मांतरण, कुरान पढ़ने और बुर्का पहनने का दबाव
बाद में कई वर्षों तक उसका लगातार यौन शोषण किया जाता रहा। पीड़िता का कहना है कि डर, बदनामी और परिवार की इज्जत के कारण वह लंबे समय तक चुप रही। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपितों ने उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया।
उसे बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया और मराठी-उर्दू भाषा में कुरान पढ़ने के लिए कहा जाता था। आरोप है कि वीडियो कॉल के जरिए भी उसे कुरान पढ़ाई जाती थी। इतना ही नहीं आरोपित उसे सऊदी अरब में नौकरी दिलाने का लालच भी देते थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद जब वह गाँव लौटी तो आरोपित उसे अपने घर ले जाकर दुष्कर्म करते रहे। पीड़िता के मुताबिक, आरोपित परिवार के लोगों ने उसे बुर्का पहनने और धर्मांतरण के लिए दबाव डाला। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई।
शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
अंत में तंग आकर उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी आरोपितों को हिरासत में लिया और कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें पाँच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पारध पुलिस स्टेशन में आरोपितों के खिलाफ दुकर्म, यौन उत्पीड़न, मारपीट और जबरन धर्म परिवर्तन समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

