जिसे आतंकी मानने को तैयार नहीं थी कॉन्ग्रेस, उस मोहम्मद शारिक ने अदालत में खुद कबूला गुनाह: जानें- मंगलुरु कुकर ब्लास्ट की कहानी, DK शिवकुमार बता रहे थे प्रोपेगेंडा

मंगलुरु कुकर ब्लास्ट मामले के आरोपित मोहम्मद शारिक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने 2022 में हुए इस धमाके को लेकर मोहम्मद शारिक को दोषी ठहराए जाने संबंधी अर्जी स्वीकार कर ली है। इससे पता चलता है कि सुनियोजित साजिश के तहत यह हमला किया गया था और इसका निशाना हिंदू मंदिरों के आस-पास के इलाके थे।

इसके बावजूद कॉन्ग्रेस नेताओं ने इसे ‘छोटी घटना’ कह कर मामले की गंभीरता को कम करने और ‘मुस्लिम बचाव’ की कोशिश की। इतना ही नहीं बीजेपी और हिन्दू संगठनों पर जबरदस्ती मुस्लिम कट्टरपंथियों पर आरोप लगाने की बात कही थी। लेकिन आरोपित के कबूलनामे ने कर्नाटक सरकार की बोलती बंद कर दी है।

शुरुआत में शारिक ने कोर्ट में खुद को निर्दोष कहा था, लेकिन दिसंबर 2025 में उसने सीआरपीसी की धारा 229 के तहत अपना नई अर्जी कोर्ट में डाली और अपना गुनाह कबूल कर लिया। तब कोर्ट ने कहा था कि आरोपित की दलील को दोबारा दर्ज करना आवश्यक है।

कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार ने किया था बचाव

कर्नाटक के डिप्टी सीएम और कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने 2022 में आरोप लगाया था कि BJP सरकार ने जान-बूझकर मंगलुरु कुकर बम धमाके की घटना को आतंकवादी घटना की तरह पेश किया, ताकि लोगों का ध्यान वोटर डेटा चोरी मामले से भटकाया जा सके।

शिवकुमार ने कहा था कि BJP के पास लोगों को दिखाने लायक कोई खास उपलब्धि नहीं है, और इसलिए उसने अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों की भावनाओं को भड़काने के मकसद से धमाके की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
उन्होंने कहा था कि हो सकता है किसी व्यक्ति से कोई गलती हो गई हो। इससे इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन क्या यह मुंबई, पुलवामा और जम्मू-कश्मीर में हुई घटनाओं की तरह कोई आतंकवादी हरकत थी?”

शिवकुमार ने राज्य सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हो सकता है कि उन्होंने किसी घोटाले (जिसमें कथित तौर पर एक NGO ने बेंगलुरु में वोटरों की निजी जानकारी गैर-कानूनी तरीके से जमा की थी) से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह धमाका करवाया हो। उन्होंने कहा था कि सरकार को लगता है कि लोग बेवकूफ हैं और वे सियासी चाल को नहीं समझते।

इतना ही नहीं कॉन्ग्रेस नेता ने मोहम्मद शारिक को आतंकवादी घोषित करने पर कर्नाटक पुलिस प्रशासन पर भी तंज कसा था।

शारिक की गोद में फटा था कुकर बम

कर्नाटक के शिवमोग्गा के रहने वाले 27 साल के मोहम्मद शारिक ने 19 नवंबर 2022 को एक ऑटो रिक्शा में करीब 3 किलो विस्फोट कुकर में भर कर ले जा रहा था। इस दौरान टाइमर में गड़बड़ी की वजह से कुकर उसकी गोद में ही फट गया और शारिक बुरी तरह झुलस गया। उसे मंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ से छुट्टी मिलने के बाद एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

एनआईए के मुताबिक, शारिक इस्लामिक स्टेट के शिवमोग्गा मॉड्यूल का हिस्सा है। उसके तार कई आतंकी घटनाओं से जुड़े हुए हैं। वह सितंबर 2022 के शिवमोग्गा केस में भी आरोपित था। इसमें शिवमोग्गा मॉड्यूल ने ही आईईडी टेस्ट किया था। उसने देश विरोधी नारे भी मंगलुरू में लिखे थे, इसको लेकर पहले वह गिरफ्तार किया गया था।