मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने कमर कस ली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में बुधवार (8 अप्रैल 2026) को दिल्ली में एक बड़ी हाई-लेवल बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना था कि दुनिया में चल रही उथल-पुथल का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों पर न पड़े। सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस (LPG) और खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
Chaired the 3rd meeting of the Group of Ministers on West Asia. Reviewed the measures being taken in the wake of evolving situation in the West Asia.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 8, 2026
The Government is ensuring continued availability of LPG, petrol and diesel, fertilisers for farmers and facilitating supply of… pic.twitter.com/ngrTw0ZyAh
होर्मुज के रास्ते से सुरक्षित लाए गए जहाज
बैठक में एक बड़ी कामयाबी साझा की गई कि पिछले 40 दिनों में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से जहाजों को सुरक्षित निकालने में भारत सबसे आगे रहा है। भारत ने वहाँ से गैस से भरे 8 बड़े जहाज सफलतापूर्वक निकाले हैं। इनमें करीब 11 दिनों की जरूरत के बराबर गैस थी, जिससे देश का संकट टल गया। राहत की बात यह है कि देश में कहीं भी गैस की किल्लत की रिपोर्ट नहीं है और सप्लाई बिल्कुल नॉर्मल है।
मजदूरों और गरीबों को बड़ी राहत
सरकार ने आम लोगों और प्रवासी मजदूरों का खास ख्याल रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। 7 अप्रैल से 5 किलो वाले ‘फ्री ट्रेड’ LPG सिलेंडरों की सप्लाई को दोगुना कर दिया गया है। पहले इसके लिए 20% कोटा तय था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इससे उन लोगों को बड़ी मदद मिलेगी जो छोटा सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं।
फैक्ट्रियों के लिए भी ईंधन का इंतजाम
इंडस्ट्री यानी कारखानों को मंदी और रुकावट से बचाने के लिए सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी रास्ता आसान कर दिया है। थोक ग्राहकों को अब 70% ईंधन आवंटित किया गया है। इसमें दवा (फार्मा), खाना-पीना, खेती, स्टील और रक्षा जैसे जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि बाजार में किसी भी जरूरी सामान की कमी न हो।
गैस सिलेंडर छोड़ अब पाइप वाली गैस (PNG) की ओर बढ़े लोग
सरकार के प्रयासों का असर भी दिख रहा है। अब लोग रसोई गैस सिलेंडर की जगह पाइप वाली गैस (PNG) को अपना रहे हैं। पिछले कुछ समय में 3 लाख से ज्यादा नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना ज्यादा हैं। वहीं, करीब 16,700 लोगों ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिया है।
पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़, सरकार की पैनी नजर
सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर गैस और तेल की सप्लाई जारी है। हालाँकि, प्राइवेट कंपनियों को तेल खरीदने में थोड़ी मुश्किल हो रही है, जिसकी वजह से सरकारी पंपों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। रक्षा मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपस में तालमेल बनाए रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति (इमरजेंसी) से तुरंत निपटा जा सके।

