मीरा रोड की सोसायटी में नहीं होगी बकरों की कुर्बानी, हिंदू संगठनों ने सूअर लाकर किया था उग्र प्रदर्शन: पुलिस लाठीचार्ज के बाद प्रशासन ने बकरों को कराया शिफ्ट

मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके की पूनम क्लस्टर सोसायटी में बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले बकरों को लाने और उनके लिए अस्थायी शेड बनाने को लेकर दो समुदायों के बीच भारी बवाल हो गया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह विवाद मंगलवार (26 मई 2026) को हिंसक झड़प और उग्र प्रदर्शन में तब्दील हो गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया। हालाँकि बाद में बकरों को सोसायटी से बाहर शिफ्ट कर दिया गया और ये साफ हो गया कि पूनम क्लस्टर सोसायटी में बकरों की कुर्बानी नहीं होगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत 25 मई को तब हुई जब मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने सोसायटी परिसर में बकरों के लिए एक अस्थायी शेड का निर्माण किया। स्थानीय हिंदू निवासियों और दक्षिणपंथी संगठनों ने आवासीय परिसर के भीतर इस पर कड़ा ऐतराज जताया। विरोध बढ़ता देख नगर निगम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस शेड को ध्वस्त कर दिया। हालांकि, जब दोबारा शेड बनाने का प्रयास हुआ तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हुई।

मंगलवार सुबह माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब ‘सकल हिंदू समाज’ और ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता सोसायटी के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने वहाँ हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इतना ही नहीं विरोध स्वरूप कुछ कार्यकर्ता बकरा मंडी के पास एक सूअर भी लेकर पहुँच गए। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि अगर आवासीय परिसर में बकरे लाए जा सकते हैं, तो सूअर क्यों नहीं?

भीड़ को बेकाबू होता देख और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। मामले को शांत कराने के लिए पुलिस और नगर निगम के आला अधिकारियों ने तुरंत एक बैठक बुलाई। प्रशासन की सूझबूझ और दोनों पक्षों से बातचीत के बाद बकरों को टेंपो में लादकर सोसायटी से नगर निगम द्वारा तय की गई दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मीरा-भायंदर के डीसीपी राहुल चौहान ने कहा, “पूनम क्लस्टर सोसायटी में, कुछ निवासी ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए परिसर में बकरे लाए थे। इस पर कुछ अन्य निवासियों ने आपत्ति जताई थी। इन आपत्तियों को प्राप्त करने के बाद, प्रशासन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई। इसके बाद नगर निगम ने इस उद्देश्य के लिए एक विशिष्ट स्थान नामित किया। सोसायटी के भीतर, परिसर से बकरों को हटाने और उन्हें नगर निगम द्वारा नामित स्थल पर भेजने के लिए एक आम सहमति बन गई। बकरों को अब सोसायटी से हटाकर नामित नगर निगम स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया है, और वर्तमान में यहाँ कोई समस्या नहीं है।”