प्रेमी से 12 साल की बच्ची का रेप करवाती थी माँ, कोर्ट ने दोनों को दी 180 साल की सजा: ₹11.7 लाख का लगा जुर्माना, केरल का मामला

केरल के मंजेरी में विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने मंगलवार (4 नवंबर 2025) को एक महिला और उसके प्रेमी को 12 साल की बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म और यौन शोषण के मामले में 180 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 11.7 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

आरोपित महिला पीड़ित बच्ची की माँ है, उस पर बच्ची से रेप के लिए आरोपित पुरुष की मदद करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला बच्ची से अपने प्रेमी के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए देखने का भी दबाव बनाती थी।

विशेष जज अशरफ ए एम ने दोनों आरोपितों को POCSO एक्ट, भारतीय दंड संहिता (IPC) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की कई धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। मुख्य आरोपित 33 वर्षीय पुरुष पालक्काड का रहने वाला है, जबकि बच्ची की माँ तिरुवनंतपुरम की निवासी है।

मामला कैसे हुआ शुरू?

विशेष लोक अभियोजक (प्रोसिक्यूशन) सोमनसुंदरन ए के अनुसार, महिला पहले अपने पति और बेटी के साथ तिरुवनंतपुरम में रहती थी। वहीं उसकी फोन पर आरोपित पुरुष से पहचान हुई और बाद में वह पति को छोड़कर उसके साथ भाग गई। दोनों पालक्काड और मलप्पुरम में किराए के घरों में रहने लगे, जहाँ वे बच्ची को भी साथ ले गए।

आरोप है कि आरोपित ने दिसंबर 2019 से नवंबर 2020 और फिर दिसंबर 2020 से अक्टूबर 2021 तक कई बार बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। माँ ने न केवल इस अपराध में साथ दिया, बल्कि कई बार वह घटनाओं की गवाह भी रही।

प्रोसिक्यूशन के अनुसार, महिला ने बच्ची को पोर्न वीडियो दिखाए, बीयर पिलाई और उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसका ‘ब्रेन में लगाया गया CCTV चिप’ सब देख लेगा और उन्हें तुरंत इसका पता चल जाएगा।

कैसे खुला मामला?

यह मामला तब सामने आया जब महिला ने अपने माता-पिता के खिलाफ आधार और सर्टिफिकेट न देने की शिकायत मलप्पुरम थाने में की। जब उसके माता-पिता अपनी पोती से मिलने उसके घर पहुँचे तो आरोपितों ने मिलवाने से इंकार कर दिया।

पड़ोसियों ने उन्हें बताया कि बच्ची की हालत बहुत खराब है और उसे ठीक से खाना भी नहीं दिया जा रहा। इसके बाद उन्होंने चाइल्डलाइन को सूचना दी, जिसने बच्ची को स्नेहिता सेंटर में रखा। वहीं बच्ची ने अपनी साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया।

कोर्ट का फैसला

इस मामले में कुल 26 गवाहों के बयान लिए गए और 33 दस्तावेज पेश किए गए, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपितों को पॉक्सो एक्ट की धाराओं 5(1), 6(1), 5(n) और 5(p) के तहत दोषी ठहराया, जिनमें से हर एक में 40-40 साल की कठोर कैद और 2 लाख रुपए का जुर्माना है।

साथ ही IPC की धाराएँ 354(A)(1)(i), 354(A)(2), 506 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराएँ 75 और 77 भी लगाई गईं। वहीं अगर दोनों जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें अतिरिक्त 20 महीने की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट के अनुसार, जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी और अतिरिक्त मुआवजा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान किया जाएगा।