उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) युवाओं के साथ भेदभाव के आरोपों के बीच अब सरकारी आँकड़े अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों के आँकड़े बताते हैं कि न केवल आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया, बल्कि मेरिट के आधार पर बड़ी संख्या में OBC अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित पदों पर भी हुआ है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक हुई विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में OBC वर्ग के युवाओं को सबसे अधिक लाभ मिला है। कई भर्तियों में तो सामान्य वर्ग की तुलना में भी अधिक संख्या में OBC अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

69 हजार शिक्षक भर्ती में OBC को बड़ा लाभ
परिषदीय विद्यालयों में हुई 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती इसका सबसे बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। इस भर्ती में OBC वर्ग के लिए 18 हजार पद आरक्षित थे, लेकिन चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 31 हजार से अधिक रही।
इनमें 18,598 अभ्यर्थियों का चयन OBC आरक्षित कोटे में हुआ, जबकि 12,630 OBC अभ्यर्थियों ने मेरिट के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में जगह बनाई। इससे यह साफ हुआ कि बड़ी संख्या में OBC अभ्यर्थियों ने सामान्य श्रेणी में भी प्रतिस्पर्धा कर सफलता हासिल की।
SC-ST को भी मिला लाभ
सहायक अध्यापक भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग को भी आरक्षण का पूरा लाभ मिला। SC वर्ग के लिए 14 हजार से अधिक पद आरक्षित थे और सभी पदों पर चयन किया गया। इसके अलावा मेरिट के आधार पर 1,600 से ज्यादा SC अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित श्रेणी में भी हुआ। वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के 1,100 से अधिक रिक्त पदों को भी नियमों के अनुसार SC अभ्यर्थियों से भरा गया।
इस प्रकार कुल मिलाकर 17 हजार से अधिक SC अभ्यर्थियों का चयन सहायक अध्यापक पदों पर हुआ। वहीं अनारक्षित श्रेणी में कुल 34 हजार से अधिक पदों में 20, 301 सामान्य वर्ग, 12,630 OBC, 1,637 SC और 21 ST अभ्यर्थियों का चयन हुआ।
UPPSC भर्तियों में भी OBC सबसे आगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण के पालन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की भर्तियों के आँकड़े पेश करते हुए समाजवादी पार्टी (SP) की सरकार और मौजूदा सरकार के दौरान हुए चयन की तुलना की थी।
आँकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार के कार्यकाल में UPPSC के माध्यम से कुल 26,394 युवाओं का चयन हुआ था। इनमें OBC वर्ग की हिस्सेदारी केवल 26.38 प्रतिशत रही, जबकि SC वर्ग को 21.34 प्रतिशत सीटें मिली थीं।
वहीं योगी सरकार में वर्ष 2017 से अब तक UPSC के माध्यम से कुल 46,675 भर्तियाँ हुई हैं। इनमें अकेले OBC वर्ग के अभ्यर्थियों की हिस्सेदारी 38.41 प्रतिशत रही। इसके अलावा EWS वर्ग को 3.74 प्रतिशत सीटें मिलीं, जबकि अनारक्षित पदों पर सामान्य वर्ग के 36,76 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

