ओडिशा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ IPS अधिकारी दयाल गंगवार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह सख्त कार्रवाई GRP कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जाँच के बाद की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर यह निलंबन हुआ है। जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल सौम्य के पिता का आरोप है कि जब दयाल गंगवार GRP में एडीजी थे, तब उन्होंने सौम्य का उत्पीड़न किया।
वे कॉन्स्टेबल से सरकारी ड्यूटी के बजाय अपने निजी काम करवाते थे। आरोप है कि सौम्य को जिम में काम करने, महँगे सप्लीमेंट खरीदने और रोजाना घंटों तक मालिश करने के लिए मजबूर किया जाता था। इससे वह भारी मानसिक तनाव में था।
बता दें कि कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन की 7 मई को एक सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों और दिमाग में अंदरूनी रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया था।
सरकार ने साफ किया है कि IPS गंगवार का निलंबन इस मॉब लिंचिंग से सीधे तौर पर नहीं, बल्कि कॉन्स्टेबल के उत्पीड़न मामले से जुड़ा है। मामले की जाँच अभी जारी है।

