पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से PHD स्कॉलर ज्योति की मौत पर फूटा छात्रों का गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: VC का माँगा इस्तीफा

पंजाब यूनिवर्सिटी में करेंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और वाइस चांसलर के इस्तीफे की माँग की। छात्रों का कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए पंजाब का कौन-सा मंत्री इस्तीफा देगा, ये बताएँ।

दरअसल मंगलवार (28 जुलाई 2026) सुबह पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति बन गई। इस दौरान पास में मौजूद खंभे से करंट उस पानी में दौड़ रहा था। पीएचडी छात्रा ज्योति जब पानी से भरे रास्ते से गुजर रही थी तो उसे करंट लगा और उसकी मौत हो गई। इस हादसे ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और बारिश के दौरान बिजली से जुड़े इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्रा ज्योति अपने गर्ल्स हॉस्टल नंबर-10 से माइक्रोबायलॉजी विभाग की तरफ जा रही थीं, तभी रास्ते में खंभे या जंक्शन बॉक्स से पानी में फैले करंट की चपेट में आ गई। ज्योति हरियाणा के रिवाड़ी की रहने वाली थी और माइक्रोबायलॉजी में पीएचडी कर रही थी।

घटना के बाद छात्रों ने उसे सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो भी बनाया है जो अब वायरल हो रहा है।

गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और एडिमिनिस्ट्रेशन विभाग की ऑफिस का गेट तोड़ते हुए अंदर घुसे और सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया। छात्रों ने बिजली विभाग के खिलाफ भी नारेबाजी की।

पुलिस अब जाँच कर रही है कि करंट कहाँ से फैला। दरअसल इसकी जिम्मेदारी सबसे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन की बनती है, क्योंकि कैंपस की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसका दायित्व है। इसलिए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

बारिश में विश्वविद्यालय में पहले भी जलभराव की समस्या रही है। बिजली के खंभे या वायरिंग में खराबी की शिकायतें पहले भी मिलती रही है। वक्त रहते इसे ठीक नहीं कराया गया और ज्योति की जान चली गई। यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। विश्वविद्यालय का बिजली विभाग आखिर क्या कर रहा था। उसने बारिश से पहले सुरक्षा ऑडिट क्यों नहीं किया। बिजली के खंभों और करंट लीकेज ठीक करने की जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई।

छात्रों के बेहतरी के लिए काम करने का दम भरने वाली आम आदमी पार्टी और भगवंत मान सरकार ने विश्वविद्यालय में हुई छात्रा की मौत के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।