संसद परिसर में विपक्षी दलों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर नाटक किया था। इस नाटक में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर चंदा लूटते हुए नजर आए थे। Video वायरल होने के बाद अब विवाद बढ़ गया है। नाटक कर रहे पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
पप्पू यादव ने संसद भवन में भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी का भेष धारण कर चंदा चोरी करने का नाटक किया। इसमें पप्पू यादव ये दर्शाने की कोशिश कर रहे थे, कि हिंदू पुजारी ही राम मंदिर से चंदा चोरी कर रहे हैं। इसके बाद देशभर से संतों ने इस नाटक पर विरोध जताया था। अब दिल्ली के जहाँगीरपुरी थाने में सूर्य मैथिल नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
संसद के बाहर किए गए नाटक में विपक्ष के अन्य सांसद और राहुल गाँधी भी श्रद्धालु बनकर दानपेटी में पैसे डालते दिखे और पप्पू यादव उन पैसों को उठाकर अपनी जेब में रखने का अभिनय कर रहे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों का गलत इस्तेमाल हुआ और भगवान रामलला की तस्वीर के अनादर से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। इसी आधार पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।
संसद में इस तरह वेश बदलकर प्रदर्शन करने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने संसद में कहा कि कुछ सदस्य जिस तरह से भेष बदल-बदलकर आ रहे हैं, वह सदन की मर्यादा और परंपराओं के खिलाफ है। ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद भवन परिसर की पवित्रता और गरिमा बनी रहनी चाहिए और इस तरह के प्रदर्शनों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
राहुल गाँधी, डिंपल यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी लिया नाटक में भाग
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी समेत कई विपक्षी सांसद भी इस सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए और दान पेटी में पैसे डालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान चंदा चोर, गद्दी छोड़, जवाब तुमको देना होगा और अमित शाह, सदन में आओ जैसे नारे भी लगाए गए।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि इस प्रदर्शन को राहुल गाँधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDIA गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पप्पू यादव के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ सांसद अलग-अलग भेष बदलकर संसद परिसर में आ रहे हैं, जो संसद की परंपराओं और मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संसद परिसर की पवित्रता और गरिमा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

