प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं और आज यानी रविवार (11 जनवरी 2026) को उनके प्रवास का दूसरा दिन बेहद अहम है। सुबह सोमनाथ की पावन धरती से शुरू होकर दिन का समापन अहमदाबाद में मेट्रो परियोजना के उद्घाटन के साथ होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े कई बड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
सोमनाथ में शौर्य और स्वाभिमान का संदेश, राजकोट में व्यापार और निवेश पर फोकस
दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री सोमनाथ से करेंगे। सुबह वह शंख सर्किल पर आयोजित शौर्य यात्रा में शामिल होकर स्वाभिमान और वीरता का संदेश देंगे। यह शोभा यात्रा उन वीर योद्धाओं की याद में निकाली जा रही है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।
इस यात्रा की खासियत 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस होगा, जो वीरता और त्याग का संदेश देगा। इसके बाद प्रधानमंत्री विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पहुँचकर भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर से निकलने के बाद प्रधानमंत्री सद्भावना ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
सोमनाथ के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री हेलिकॉप्टर से राजकोट रवाना होंगे। यहाँ वह मारवाड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित व्यापार मेले और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन के कच्छ और सौराष्ट्र सत्र की शुरुआत भी करेंगे। इस सम्मेलन के जरिए क्षेत्रीय उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर जोर दिया जाएगा, जिससे सौराष्ट्र और कच्छ के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
अहमदाबाद में विकास को नई रफ्तार
राजकोट के बाद प्रधानमंत्री गाँधीनगर होते हुए अहमदाबाद पहुँचेंगे। शाम को वह महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के फेज-2 के अंतिम खंड का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना शहरी परिवहन को मजबूत करने और लोगों की आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री अपने दौरे के पहले दिन शनिवार (10 जनवरी 2026) की शाम को सोमनाथ पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने वर्ष 1026 में हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लिया था।
इस पर्व का नाम भी प्रधानमंत्री ने ही रखा है। उन्होंने रोड शो किया, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, सोमेश्वर महादेव की महाआरती में भाग लिया और 72 घंटे चलने वाले ‘ओम’ जाप में भी सहभागिता की।

