भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे चुनाव को नौटंकी करार दिया है और कहा है कि पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यहाँ चुनाव कर अवैध कब्जा को छिपाने की कोशिश कर रहा है। पीओके में चुनाव ऐसा वक्त हो रहा है जब वहाँ आजादी की माँग को दबाने के लिए पाकिस्तान अत्याचार कर रहा है और मानवाधिकारों की धज्जियाँ उड़ा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि पीओके में हो रहे विधानसभा चुनावों को लेकर हमने रिपोर्ट देखी हैं। इस पर भारत का रुख पहले की ही तरह है। जम्मू कश्मीर, केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख और पाकिस्तान के कब्जे वाले भारत के क्षेत्र हमारे अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं।
Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (July 28, 2026)
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 28, 2026
https://t.co/WmOwcVVDGD
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे चुनावों से पाकिस्तान उन मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं को छिपा नहीं सकता जो हाल के वर्षों में उसने किया है। उन्होने कहा कि पीओके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पाकिस्तान यहाँ लगातार जनता पर अत्याचार कर रहा है। वहाँ का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। लोगों को बुनियादी जरूरतों से वंचित किया जा रहा है।
एक सवाल के जवाब के दौरान जायसवाल ने पीओके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए पाकिस्तान की निंदा की। दरअसल पाकिस्तान ने रक्षा मंत्री के बयान को उकसावे वाला कहते हुए विश्व समुदाय से हस्तक्षेप की माँग की थी। रक्षा मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान से अब सिर्फ पीओके पर बात होगी और किसी चीज पर नहीं।
27 जुलाई से 3 अगस्त तक तीन चरणों में पीओके में चुनाव करवाया जा रहा है। स्थानीय अवामी एक्शन कमेटी और कई स्थानीय ग्रुप ने पाकिस्तानी सेना द्वारा चलाए जा रहे दमन, आर्थिक शोषण और 12 शरणार्थी सीटों के विवाद के चलते इन चुनावों का बहिष्कार कर रहा है। कश्मीरी संगठन पाकिस्तान के जबरदस्ती कब्जा करने का लगातार विरोध कर रहे हैं और आजादी की माँग कर रहे हैं।

