राहुल गाँधी ने PM मोदी के लिए सदन में किया आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल, ‘बालाकोट स्ट्राइक’ से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर उठाए सवाल: भड़के भाजपा नेताओं ने कहा- माफी माँगे कॉन्ग्रेस नेता

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया। राहुल गाँधी के विवादित बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया।

राहुल गाँधी ने महिला आरक्षण पर बोलते हुए कहा, “मैं PM का नाम नहीं ले रहा हूँ। मैंने पीएम का नाम नहीं लिया। सर यह पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छिपी है। जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है। जबसे वे यहाँ आए तब से यह चल रहा है। भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता। वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं। इसीलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया। सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट, सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है।”

उनके इस बयान के लिए स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गाँधी को हिदायत भी दी। राहुल गाँधी के भाषण के दौरान सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उनके भाषण सदन से हटाए जाने की माँग की और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल के बयान की निंदा की और कहा कि उन्हें अपने बयान के लिए माफी माँगनी चाहिए।

पहली बात तो ये महिला आरक्षण बिल नहीं: राहुल गाँधी

महिला आरक्षण को लेकर राहुल गाँधी ने कहा, “पहली सच्चाई तो ये है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है। यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है। यह शेमफुल कानून है। पूरा विपक्ष कह रहा है कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे, लेकिन इस वाले को नहीं।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “यह असली सच है जो में बता रहा हूँ। भारत के इतिहास में सबसे कड़वा सच है। मैं इसके बारे में सब जानता हूँ। यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है। सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है।”